वेनेज़ुएला पर अमेरिकी शिकंजा, ट्रंप ने तेल टैंकरों की घेराबंदी के दिए निर्देश

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी शिकंजा, ट्रंप ने तेल टैंकरों की घेराबंदी के दिए निर्देश

अमेरिका ने वेनेज़ुएला के खिलाफ नीति सख्त करते हुए सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर पूर्ण नाकाबंदी का आदेश दिया। राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले से तेल निर्यात प्रभावित होगा, जबकि मादुरो सरकार ने इसे संप्रभुता पर हमला बताया और विरोध तेज किया।

World News: अमेरिका ने वेनेज़ुएला के खिलाफ अपनी रणनीति को और सख्त करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला में आने-जाने वाले सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर पूर्ण नाकाबंदी का आदेश दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब वॉशिंगटन और काराकस के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम सीधे तौर पर वेनेज़ुएला की तेल आधारित अर्थव्यवस्था को निशाना बनाता है और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने की नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

इस आदेश के बाद दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला के लिए वैश्विक तेल व्यापार और भी मुश्किल हो सकता है। अमेरिका का मानना है कि तेल से होने वाली आय का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है। इसी वजह से अब समुद्री रास्तों पर कड़ी निगरानी और नाकाबंदी को प्राथमिकता दी गई है।

तेल टैंकरों पर पूर्ण नाकेबंदी का आदेश

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी आदेश के तहत वेनेज़ुएला में प्रवेश करने या वहां से बाहर जाने वाले सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यह नाकाबंदी केवल आर्थिक दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सैन्य तैनाती (military deployment) की भूमिका भी सामने आ रही है। ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका इस फैसले पर सख्ती से अमल करेगा और समुद्र में निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

इस कदम से वेनेज़ुएला की तेल आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। चूंकि देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय से तेल राजस्व पर निर्भर रही है, ऐसे में टैंकरों की आवाजाही रुकने से आर्थिक संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिकी सेना की कार्रवाई

इस नाकेबंदी से पहले ही अमेरिका ने एक असामान्य सैन्य कार्रवाई की थी। पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना ने वेनेज़ुएला के तट के पास एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया था। यह घटना इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा मानी जा रही है। क्षेत्र में पहले से मौजूद सैन्य बलों के बाद इस तरह की कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।

सोशल मीडिया पर ट्रंप का बयान

नाकाबंदी की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। अपने बयान में उन्होंने वेनेज़ुएला पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप का कहना है कि वेनेज़ुएला तेल का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को फंड करने में कर रहा है। इसी आधार पर उन्होंने इस नाकेबंदी को जरूरी बताया।

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की सैन्य तैनाती जारी रहेगी। उनका दावा है कि यह कदम केवल अमेरिका की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी उठाया गया है। सोशल मीडिया के जरिए दिया गया यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

नौसैनिक घेराबंदी का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला दक्षिण अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े नौसैनिक बेड़े से पूरी तरह घिरा हुआ है। उनके मुताबिक यह घेराबंदी आने वाले समय में और भी मजबूत होती जाएगी।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक वेनेज़ुएला अमेरिका को वह सारा तेल, जमीन और अन्य संपत्ति वापस नहीं करता, जिसे उन्होंने पहले अमेरिका से चुराया बताया है, तब तक दबाव जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वेनेज़ुएला को ऐसा झटका लगेगा जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा। यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी को दर्शाता है।

मादुरो की प्रतिक्रिया

अमेरिकी दबाव के बीच वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने भी कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने अपने देश को मजबूत बताते हुए अमेरिकी कदमों की आलोचना की। मादुरो ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि वेनेज़ुएला पिछले 25 हफ्तों से एक मल्टीडायमेंशनल हमले (multidimensional attack) का सामना कर रहा है।

उनके अनुसार इस हमले में साइकोलॉजिकल आतंकवाद से लेकर समुद्री पायरेसी तक शामिल है। मादुरो ने आरोप लगाया कि तेल टैंकर पर हमला इसी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला इन सभी चुनौतियों का सामना कर रहा है और उन्हें हरा रहा है।

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