दिल्ली में ‘हेड्स ऑफ मिशन कॉन्फ्रेंस’: वैश्विक रणनीति, व्यापार और टेक्नोलॉजी पर भारत का फोकस

दिल्ली में Heads of Mission Conference के दौरान भारत का फोकस वैश्विक रणनीति, व्यापार और टेक्नोलॉजी पर रहा। जानें इस अहम बैठक की प्रमुख बातें। बैठक में

नई दिल्ली में आयोजित ‘हेड्स ऑफ मिशन कॉन्फ्रेंस’ में Narendra Modi ने भाग लेकर भारत की वैश्विक रणनीति, आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारियों को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए। 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नई दिल्ली में आयोजित Heads of Mission Conference में हिस्सा लिया, जहां भारत की वैश्विक भागीदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। इस सम्मेलन में व्यापार, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ाने के साथ-साथ दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

बैठक में S. Jaishankar, Ajit Doval, P. K. Mishra और Shaktikanta Das सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा दुनिया भर में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों की मौजूदगी ने इस सम्मेलन को और महत्वपूर्ण बना दिया।

वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति और प्रभाव को और मजबूत करना चाहिए। इसके लिए व्यापार, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशों के बीच सहयोग और कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

इस बैठक में S. Jaishankar, Ajit Doval, P. K. Mishra और Shaktikanta Das जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस सम्मेलन की अहमियत को और बढ़ा दिया।

व्यापार और सप्लाई चेन पर चर्चा

सम्मेलन में वैश्विक व्यापार के नए अवसरों को तलाशने और आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत ने हाल के वर्षों में खुद को एक विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री ने मिशन प्रमुखों से आग्रह किया कि वे विभिन्न देशों में भारत के आर्थिक अवसरों और निवेश संभावनाओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करें। इससे विदेशी निवेश को आकर्षित करने और भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने में मदद मिल सकती है।

इस कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और उभरती तकनीकों में सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। भारत तेजी से टेक्नोलॉजी इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और वैश्विक साझेदारियों के जरिए इस विकास को और मजबूत करना चाहता है। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक सहयोग के अवसरों का भी पूरा लाभ उठाना चाहिए।

बैठक में विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियों को और गहरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे शामिल रहे। भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है, और इस सम्मेलन के जरिए इन साझेदारियों को अगले स्तर पर ले जाने की रणनीति पर विचार किया गया।

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