शिमला, कुफरी और ठियोग में ओलावृष्टि से सेब फसल को भारी नुकसान

शिमला, कुफरी व ठियोग में ओलावृष्टि से सेब फसल को भारी नुकसान हुआ। ऊंचाई क्षेत्रों में हल्का हिमपात, विभाग ने 3-4 मई को तेज हवाओं व बारिश की चेतावनी जारी की।

हिमाचल प्रदेश में रोहतांग और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात हुआ, जबकि शिमला सहित कई इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने 3–4 मई को तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है।

Shimla: हिमाचल मौसम अपडेट के तहत राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और कुंजुम में हल्का हिमपात दर्ज किया गया, जबकि शिमला और आसपास के क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि से सेब और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने 3 और 4 मई को कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। बदलते मौसम ने तापमान में गिरावट और कृषि गतिविधियों पर असर डाला है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और कुंजुम जैसी ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया है, जबकि शिमला शहर सहित कुफरी, फागू, ठियोग और मशोबरा क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इस अचानक मौसम बदलाव ने सेब, मटर और गोभी जैसी प्रमुख फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

निचले इलाकों में चल रही गेहूं की कटाई भी खराब मौसम के कारण प्रभावित हुई है। किसानों को खेतों में खड़ी फसल को बचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ओलावृष्टि से बागवानी और कृषि उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगामी पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3 और 4 मई को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी जिलों में कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही व्यापक वर्षा की भी आशंका जताई गई है।

1 और 2 मई को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर किसानों को फसल सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

तापमान में उतार-चढ़ाव और हवा की रफ्तार

हालिया बारिश और ओलावृष्टि के चलते राज्य के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अधिकतम तापमान में कुछ स्थानों पर गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की वृद्धि भी हुई है। ऊना जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कल्पा में यह केवल 16.5 डिग्री दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है। ताबो में तेज हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं, जिससे ठंडक और बढ़ गई। मौसम के इस बदलते मिजाज ने एक बार फिर हिमाचल में जलवायु अस्थिरता और इसके कृषि एवं जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को उजागर किया है।

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