Dino Morea: मीठी नदी डीसिल्टिंग केस में डिनू मोरिया से फिर पूछताछ, 65 करोड़ के कथित घोटाले से जुड़ा मामला

Dino Morea से मुंबई EOW ने मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में फिर पूछताछ की। जांच ₹65.54 करोड़ के कथित नुकसान, वित्तीय अनियमितताओं और ठेकों से जुड़ी है।

मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने मीठी नदी की सफाई में कथित गड़बड़ी के मामले में अभिनेता डीनो मोरिया से शुक्रवार को दूसरी बार पूछताछ की। इसी सिलसिले में डीनो मोरिया मुंबई पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे।

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता डिनू मोरिया एक बार फिर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के दायरे में हैं। मीठी नदी की सफाई और डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में शुक्रवार को उनसे दोबारा पूछताछ की गई। इसी सिलसिले में अभिनेता मुंबई पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे। इससे पहले मई 2025 में भी डिनू मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोक्को मोरिया से इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है।

यह मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में कथित तौर पर टेंडर प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित अनियमितताओं के कारण नगर निकाय को करीब 65.54 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।

फोन रिकॉर्ड से सामने आया संपर्क

जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, डिनू मोरिया को दोबारा पूछताछ के लिए इसलिए बुलाया गया क्योंकि जांचकर्ताओं को कुछ फोन रिकॉर्ड मिले हैं। इन रिकॉर्ड के आधार पर कथित तौर पर अभिनेता का संपर्क इस मामले से जुड़े कुछ लोगों से होने की जानकारी सामने आई। अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच एजेंसी अब इन संपर्कों और संबंधित वित्तीय लेनदेन की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ किए जाने का मतलब अपने आप में अपराध सिद्ध होना नहीं है। मामले में आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

कंपनी में निदेशक रहे मोरिया बंधु

EOW की जांच में यूबीओ राइड्ज प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक निजी कंपनी का भी उल्लेख सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, डिनू मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोक्को मोरिया इस कंपनी में निदेशक रहे थे। गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम भी कंपनी के निदेशक मंडल से जुड़ी थीं।

जांच एजेंसी अब कदम परिवार और सैंटिनो मोरिया के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि केतन कदम से जुड़ी कंपनी को डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट के ठेके किस प्रक्रिया के तहत मिले और उसमें किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं।

65.54 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप

मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में EOW ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुल 13 लोगों पर BMC को कथित तौर पर 65.54 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने से जुड़े आरोप हैं। इन आरोपों में कथित भ्रष्टाचार, टेंडर की रकम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना और डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट से संबंधित प्रक्रियाओं में अनियमितता जैसे पहलू शामिल हैं। इसी मामले में केतन कदम को 7 मई को गिरफ्तार किया गया था।

जांच के दौरान EOW ने जयेश जोशी को भी गिरफ्तार किया। वह मुंबई में औद्योगिक उत्पादों का निर्माण करने वाली एक कंपनी से जुड़े बताए जाते हैं। एजेंसी अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और उनके बीच कथित संबंधों की जांच कर रही है।

कैसे शुरू हुई डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की प्रक्रिया?

EOW के अनुसार, मामले की पृष्ठभूमि साल 2020 से जुड़ी है। अक्टूबर 2020 में BMC के कुछ अधिकारी डीसिल्टिंग से जुड़े उपकरणों की खरीद और उनकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए एक कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ कोच्चि गए थे। इसके बाद मुंबई में नदी की गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग के लिए टेंडर जारी किए गए। टेंडर की शर्तों के अनुसार, ठेकेदारों को नदी से निकाली गई गाद की मात्रा के आधार पर भुगतान किया जाना था।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर जारी करने से लेकर काम आवंटित करने और भुगतान करने तक की प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसी क्रम में संबंधित कंपनियों, अधिकारियों, ठेकेदारों और अन्य व्यक्तियों के बीच संबंधों की जांच की जा रही है।

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