दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने अवैध प्रवासन पर सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। नई नीति में सीमा सुरक्षा, विशेष अदालतें और डिजिटल आईडी सिस्टम शामिल हैं। सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।
केप टाऊन: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने देश में बढ़ते अवैध प्रवासन और उससे उत्पन्न सामाजिक तनाव को देखते हुए सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार अब अवैध प्रवासन को रोकने के लिए निर्णायक और व्यापक कदम उठाएगी ताकि देश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता बनी रहे।
5-सूत्रीय रणनीति से होगा नियंत्रण
राष्ट्रपति ने अवैध प्रवासन से निपटने के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं वाली रणनीति पेश की है। इसमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू करना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना, कानूनी खामियों को खत्म करना और अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग बढ़ाना शामिल है।
अवैध श्रमिक रखने वालों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी नियोक्ता अवैध प्रवासियों को रोजगार देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल है। सरकार ने 10,000 नए निरीक्षकों की भर्ती का भी निर्णय लिया है।
विशेष अदालतों और तेज डिपोर्टेशन सिस्टम की तैयारी
अवैध प्रवासन मामलों के तेजी से निपटारे के लिए सरकार विशेष अदालतें स्थापित करने जा रही है। इसके साथ ही डिपोर्टेशन प्रक्रिया को तेज करने की योजना भी तैयार की गई है ताकि अवैध प्रवासियों को जल्द वापस भेजा जा सके।

बायोमेट्रिक रजिस्टर और डिजिटल आईडी सिस्टम
सरकार ने पूरे देश में हर व्यक्ति का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड तैयार करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही पुराने पहचान दस्तावेजों को हटाकर डिजिटल आईडी सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे पहचान चोरी और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लग सके।
बढ़ते विदेशी विरोध और हिंसा पर चिंता
हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में विदेशी नागरिकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कई अफ्रीकी देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।
राष्ट्रपति की चेतावनी: कानून अपने हाथ में न लें
रामाफोसा ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल सरकारी एजेंसियां ही कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं और अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
रोजगार संकट और अवैध प्रवासन का संबंध
देश में लगभग 33 प्रतिशत बेरोजगारी के बीच सरकार का मानना है कि अवैध प्रवासन से रोजगार बाजार और सार्वजनिक सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। इसी कारण विदेशी श्रमिकों के लिए कोटा सिस्टम लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
स्पाज़ा शॉप्स और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
सरकार ने टाउनशिप क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे छोटे व्यवसायों पर भी ध्यान देने की बात कही है। इन सभी दुकानों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन किया जाएगा ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को संतुलित किया जा सके।











