डीएमसीएच में डांडिया नाइट की धूम, संगीत की धुन पर झूमे मेडिकल स्टूडेंट्स; पुराने शिक्षकों ने भी लिया हिस्सा

दरभंगा के डीएमसीएच में डांडिया नाइट का आयोजन हुआ। मेडिकल छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाई और पुराने शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
डीएमसीएच में डांडिया नाइट की धूम, संगीत की धुन पर झूमे मेडिकल स्टूडेंट्स; पुराने शिक्षकों ने भी लिया हिस्सा
Photo Credit / Attribution: Google

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में डांडिया नाइट के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर संगीत की धुन पर डांडिया खेला और अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पढ़ाई, क्लास और अस्पताल की व्यस्त दिनचर्या से अलग इस आयोजन ने विद्यार्थियों को मनोरंजन और आपसी मेलजोल का अवसर दिया। कार्यक्रम में पुराने शिक्षक भी शामिल हुए, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। वर्तमान विद्यार्थियों के साथ पूर्व शिक्षकों की मौजूदगी ने कॉलेज के पुराने और नए सदस्यों के बीच जुड़ाव को भी खास बना दिया।

डीएमसीएच में आयोजित डांडिया नाइट में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़ों में सजे विद्यार्थियों ने संगीत की ताल पर डांडिया खेलकर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। आयोजन में शामिल छात्र-छात्राओं के बीच उत्साह देखते ही बन रहा था। एक-दूसरे के साथ ताल मिलाकर नृत्य करते विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया और अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत किया।

मेडिकल की पढ़ाई को आमतौर पर काफी मेहनत और अनुशासन वाला क्षेत्र माना जाता है। विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, प्रैक्टिकल, परीक्षाओं और अस्पताल में प्रशिक्षण जैसी जिम्मेदारियों के बीच समय निकालना पड़ता है। ऐसे में सांस्कृतिक आयोजन उनके लिए पढ़ाई के दबाव से कुछ समय दूर रहकर मनोरंजन करने का अवसर प्रदान करते हैं। डांडिया नाइट जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रुचियों को सामने लाने और सहपाठियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने का मौका देते हैं।

डांडिया भारतीय लोकसंस्कृति से जुड़ा लोकप्रिय नृत्य है, जिसे विशेष रूप से नवरात्र के दौरान उत्साह के साथ खेला जाता है। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा यह नृत्य अब देश के अनेक हिस्सों में आयोजित होने वाले नवरात्र कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इसमें प्रतिभागी रंगीन डंडियों के साथ तालबद्ध तरीके से नृत्य करते हैं। संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक भागीदारी इसे खास बनाती है। डीएमसीएच के विद्यार्थियों ने भी इसी सांस्कृतिक परंपरा का आनंद लेते हुए कार्यक्रम में भागीदारी की।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल वर्तमान छात्र-छात्राएं ही शामिल नहीं हुए, बल्कि पुराने शिक्षक भी पहुंचे। शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को अपने मार्गदर्शकों के साथ अनौपचारिक माहौल में समय बिताने का अवसर मिला। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच बना रिश्ता अक्सर लंबे समय तक कायम रहता है। ऐसे आयोजन उस संबंध को और मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं।

पुराने शिक्षकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे कॉलेज की परंपरा और आपसी संबंधों से जोड़ दिया। विद्यार्थियों के लिए अपने शिक्षकों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होना एक अलग अनुभव रहा। वहीं, शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साह को करीब से देखने का अवसर मिला। अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों का एक साथ शामिल होना किसी भी शैक्षणिक संस्थान के सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध बनाता है।

मेडिकल कॉलेजों में ऐसे कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी और अनुशासन का पालन करना होता है। अस्पताल से जुड़ी गतिविधियों और प्रशिक्षण के बीच सांस्कृतिक आयोजन मानसिक ताजगी और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर दे सकते हैं। संगीत और नृत्य जैसी गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों को अपनी दूसरी प्रतिभाओं को सामने लाने का मौका मिलता है। साथ ही, समूह में कार्यक्रम करने से सहयोग और टीम भावना को भी बढ़ावा मिलता है।

डांडिया नाइट में छात्र-छात्राओं की सामूहिक भागीदारी ने कॉलेज परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ नृत्य करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया। इस तरह के आयोजनों में पढ़ाई के अलग-अलग वर्षों के विद्यार्थी एक मंच पर आते हैं, जिससे उनके बीच परिचय और आपसी संवाद बढ़ सकता है। नए विद्यार्थियों को भी वरिष्ठ छात्रों और शिक्षकों के साथ सहज होने का अवसर मिलता है।

डीएमसीएच जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के समग्र विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा में विषय संबंधी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ संवाद कौशल, संवेदनशीलता और टीम के साथ काम करने की क्षमता भी जरूरी होती है। सांस्कृतिक गतिविधियां इन गुणों को विकसित करने के लिए एक अनौपचारिक मंच उपलब्ध करा सकती हैं।

डांडिया नाइट के दौरान पुराने शिक्षकों की मौजूदगी ने कॉलेज से जुड़े लोगों के बीच अपनापन और पुरानी यादों को ताजा करने का अवसर भी दिया। शैक्षणिक संस्थानों में पूर्व और वर्तमान सदस्यों के बीच संबंध बनाए रखना उनकी परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहायक होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को यह महसूस कराने में भी मदद करते हैं कि कॉलेज का जीवन केवल कक्षाओं और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

कुल मिलाकर, डीएमसीएच की डांडिया नाइट छात्र-छात्राओं के उत्साह, सांस्कृतिक प्रतिभा और आपसी सहयोग का अवसर बनी। संगीत की धुन पर झूमते मेडिकल स्टूडेंट्स और उनके साथ शामिल हुए पुराने शिक्षकों ने कार्यक्रम को खास बनाया। आयोजन ने कॉलेज परिसर में उत्सव का माहौल तैयार किया और विद्यार्थियों को अपनी व्यस्त पढ़ाई के बीच मनोरंजन तथा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मौका दिया।

Leave a comment