कांगो डीआर ने वर्ल्ड कप में शानदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया और राउंड ऑफ 32 में पहुंच गई। योआने विसा ने दो गोल किए, जबकि टीम ने दमदार वापसी कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
FIFA WORLD CUP 2026: फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (DR Congo) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर नॉकआउट राउंड (राउंड ऑफ 32) में जगह बना ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि कांगो डीआर ने 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी की है और पहली बार नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है।
अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद अफ्रीकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए मैच का पूरा रुख पलट दिया।
उज्बेकिस्तान की तेज शुरुआत, एल्डोर शोमुरोदोव का शानदार गोल
मैच की शुरुआत उज्बेकिस्तान ने आक्रामक अंदाज में की। टीम के कप्तान एल्डोर शोमुरोदोव ने 10वें मिनट में एक बेहतरीन लॉब शॉट खेलकर गोलकीपर को चकमा दिया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
इस शुरुआती गोल के बाद उज्बेकिस्तान ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन कांगो डीआर ने धीरे-धीरे वापसी की रणनीति अपनाई और दूसरे हाफ में मैच का पूरा नक्शा बदल दिया।
कांगो डीआर की वापसी, पेनल्टी से बराबरी
दूसरे हाफ में कांगो डीआर ने आक्रामक खेल दिखाया। 68वें मिनट में अब्दुकोदिर खुसानोव द्वारा योआने विसा को पेनल्टी बॉक्स में गिराए जाने के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी।
इस मौके पर योआने विसा ने खुद जिम्मेदारी लेते हुए शानदार पेनल्टी गोल किया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसके बाद कांगो डीआर ने पूरी तरह से दबाव बनाना शुरू किया।
फिस्टन मायेले ने दिलाई बढ़त, डिफ्लेक्शन ने बदला खेल
78वें मिनट में कांगो डीआर को एक और बड़ा मौका मिला। मेशाक एलिया के शॉट पर डिफ्लेक्शन हुआ, जिसका फायदा उठाते हुए फिस्टन मायेले ने गेंद को नेट में डाल दिया।
इस गोल के साथ कांगो डीआर ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली और मैच में पहली बार आगे निकल गई। इसके बाद उज्बेकिस्तान ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन कांगो की डिफेंस ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए।
इंजरी टाइम में विसा का दूसरा गोल, जीत पक्की
इंजरी टाइम में योआने विसा ने एक बार फिर शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन किया और अपना दूसरा गोल दागकर कांगो डीआर की जीत सुनिश्चित कर दी। इस गोल के साथ स्कोर 3-1 हो गया और मैच पूरी तरह कांगो के पक्ष में चला गया। विसा का यह प्रदर्शन पूरे मुकाबले का सबसे अहम पहलू रहा, जिसमें उन्होंने एक गोल पेनल्टी से और दूसरा ओपन प्ले से किया।
![]()
ग्रुप स्टेज का समीकरण: कोलंबिया टॉप पर, कांगो डीआर तीसरे स्थान पर
इस ग्रुप में कोलंबिया ने शीर्ष स्थान हासिल कर नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। वहीं पुर्तगाल दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कांगो डीआर तीसरे स्थान पर रहते हुए भी नॉकआउट राउंड में जगह बनाने में सफल रहा।
कोलंबिया अब एक जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टरफाइनल की दौड़ में उतरेगा, जबकि पुर्तगाल 3 जुलाई को क्रोएशिया से भिड़ेगा।
इंग्लैंड, क्रोएशिया और घाना ने भी किया क्वालिफाई
एक अन्य ग्रुप में 1966 की वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप एल में शीर्ष स्थान हासिल किया और नॉकआउट चरण में प्रवेश किया।
क्रोएशिया ने दूसरे स्थान पर रहते हुए आगे बढ़ने में सफलता पाई, जबकि घाना ने तीसरे स्थान पर रहते हुए भी नॉकआउट में जगह बना ली।
दूसरी ओर, पनामा का अभियान निराशाजनक रहा और टीम अपने सभी मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
कांगो डीआर की ऐतिहासिक उपलब्धि
कांगो डीआर के लिए यह जीत केवल एक मैच जीतना नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी और पहली बार नॉकआउट में पहुंचना देश के फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा क्षण माना जा रहा है।
टीम की यह सफलता उनके अनुशासन, रणनीति और संघर्षशील मानसिकता का परिणाम है, जिसने उन्हें बड़े मंच पर नई पहचान दिलाई है।
योआने विसा बने हीरो, टीम की रीढ़ साबित हुए
इस मुकाबले में योआने विसा सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे। उन्होंने दबाव के बावजूद दो गोल किए और टीम को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
उनकी यह पारी आने वाले नॉकआउट चरणों के लिए कांगो डीआर की उम्मीदों को और मजबूत करती है।










