दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए सेंट्रल जोन ने अपनी टीम घोषित कर दी है। रजत पाटीदार को कप्तान और रिंकू सिंह को उपकप्तान बनाया गया है। गत विजेता होने के कारण टीम सीधे सेमीफाइनल में खेलेगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के प्रतिष्ठित घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए सेंट्रल जोन ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। पिछले संस्करण में टीम को चैंपियन बनाने वाले अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार पर एक बार फिर भरोसा जताया गया है और उन्हें कप्तान नियुक्त किया गया है। वहीं विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह को उपकप्तान बनाया गया है।
सेंट्रल जोन ने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलित मिश्रण के साथ टीम तैयार की है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि यह टीम लगातार दूसरा दलीप ट्रॉफी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार साबित होगी।
डिफेंडिंग चैंपियन होने का मिला फायदा
पिछले सीजन का खिताब जीतने के कारण सेंट्रल जोन को इस बार पहले दौर में बाई मिली है। इसका मतलब है कि टीम सीधे 30 अगस्त से शुरू होने वाले सेमीफाइनल में उतरेगी।
सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन का मुकाबला ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच खेले जाने वाले क्वार्टरफाइनल मुकाबले की विजेता टीम से होगा। दलीप ट्रॉफी 2026 की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से खेला जाएगा।
रजत पाटीदार पर फिर जताया गया भरोसा
रजत पाटीदार ने पिछले सीजन में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी अगुआई में सेंट्रल जोन ने बेहतरीन टीमवर्क का प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी।
चयनकर्ताओं ने उनकी नेतृत्व क्षमता और निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें लगातार दूसरी बार कप्तानी सौंपने का फैसला किया है। पाटीदार से इस बार भी मध्यक्रम में बड़ी पारियां खेलने की उम्मीद रहेगी।
रिंकू सिंह निभाएंगे अहम जिम्मेदारी
भारतीय टीम के लिए सीमित ओवरों में प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके रिंकू सिंह को इस बार उपकप्तान बनाया गया है। रिंकू अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में मैच खत्म करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर वे नेतृत्व की भूमिका भी निभा सकेंगे।
सारांश जैन और युवा खिलाड़ियों को मिला मौका
सेंट्रल जोन की टीम में स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भी शामिल किया गया है। हाल ही में उन्हें भारत की टेस्ट टीम में श्रीलंका दौरे के लिए चुना गया था, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
टीम में हर्ष दुबे और लेग स्पिनर जीशान अंसारी को भी जगह मिली है। जीशान ने हाल ही में भारत-ए की ओर से रेड-बॉल क्रिकेट में प्रभावशाली वापसी की थी।

रणजी प्रदर्शन का मिला इनाम
विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अमन मोखाडे को शानदार घरेलू प्रदर्शन का पुरस्कार मिला है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में 11 पारियों में 760 रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
इसी तरह छत्तीसगढ़ के युवा बल्लेबाज आयुष पांडे को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने हाल ही में भारत-ए के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाई थी।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन
सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी काफी मजबूत नजर आती है। कप्तान रजत पाटीदार के अलावा यश राठौड़, रिंकू सिंह और अमन मोखाडे जैसे बल्लेबाज टीम को मजबूती देंगे।
विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी आर्यन जुयाल संभाल सकते हैं, जबकि कुणाल सिंह राठौड़ बैकअप विकेटकीपर की भूमिका में रहेंगे।
गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज यश ठाकुर, नचिकेत भूटे और अरशद खान टीम के प्रमुख हथियार होंगे। वहीं स्पिन विभाग में सारांश जैन, हर्ष दुबे और जीशान अंसारी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश करेंगे।
लगातार दूसरा खिताब जीतने की चुनौती
गत विजेता होने के कारण इस बार सेंट्रल जोन पर अपेक्षाएं भी अधिक होंगी। टीम के पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का ऐसा संयोजन है जो लंबे प्रारूप के क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है।
यदि प्रमुख खिलाड़ी अपनी लय बनाए रखते हैं, तो सेंट्रल जोन लगातार दूसरी बार दलीप ट्रॉफी जीतने की मजबूत दावेदार मानी जा रही है।
भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण मंच
दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी टूर्नामेंटों में से एक है। इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अक्सर भारत-ए और राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए मजबूत दावेदार माना जाता है।
इसी वजह से इस टूर्नामेंट पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की भी पैनी नजर रहती है। कई युवा खिलाड़ी यहां शानदार प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचे हैं।
सेंट्रल जोन की पूरी टीम
रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सारांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अरशद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भूटे।










