बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: मुख्य आरोपित ने कबूला जुर्म, अब CCTV DVR रिपोर्ट का इंतजार

बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी ने जुर्म कबूला। SIT को अब CCTV DVR की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, बैंक खातों और रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी की जांच कर रही एसआईटी को सीसीटीवी डीवीआर की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल ने पूछताछ में चोरी की बात स्वीकार की है, जबकि जांच एजेंसियां बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही हैं।

गोपेश्वर: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच तेज हो गई है। एसआईटी को अब सीसीटीवी डीवीआर की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। दूसरी ओर, तीन सदस्यीय जांच समिति भी मंदिर समिति के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है।

फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार, DVR से खुल सकते हैं कई राज

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब सीसीटीवी डीवीआर की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डीवीआर को जांच के लिए देहरादून स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि डीवीआर से डिलीट या क्षतिग्रस्त फुटेज रिकवर होने पर मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

एसआईटी पहले ही बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) से उपलब्ध कराई गई 13 दिनों की सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन कर चुकी है। हालांकि शेष 32 दिनों की फुटेज उपलब्ध नहीं होने से जांच प्रभावित हुई है। शुरुआत में मंदिर समिति ने 45 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने का दावा किया था, लेकिन बाद में तकनीकी कारणों से कुछ फुटेज गायब होने की बात कही गई।

मुख्य आरोपित ने पूछताछ में स्वीकार किया जुर्म

जांच के दौरान मुख्य आरोपित और मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल से एसआईटी ने रिमांड पर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में उसने दान और चढ़ावे से चोरी किए जाने की बात स्वीकार की है।

इसके बाद जांच एजेंसी अब उसके बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड की भी विस्तार से जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित चोरी की रकम का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

वहीं गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति भी मामले की अलग से जांच कर रही है। समिति ने बदरी-केदार मंदिर समिति के दो लेखा कर्मचारियों और तोसाखाना (कोषागार) से जुड़े कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है।

पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही SIT

एसआईटी ने इस वर्ष के दान-चढ़ावे के रिकॉर्ड का खजाने में जमा राशि से मिलान कर लिया है। अब जांच टीम पिछले वर्षों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पहले भी हुई थी या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक लैब से डीवीआर की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और मजबूती मिलेगी। यदि गायब फुटेज सफलतापूर्वक रिकवर हो जाती है, तो मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल एसआईटी और जांच समिति दोनों अपने-अपने स्तर पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं और आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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