दलीप ट्रॉफी फाइनल: तिलक वर्मा अर्धशतक लगाकर नाबाद, साउथ जोन 242/6; ईस्ट जोन से 466 रन पीछे

दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन साउथ जोन ने ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में 6 विकेट पर 242 रन बनाए। कप्तान तिलक वर्मा 56 रन पर नाबाद हैं। पडिक्कल ने 62 रन बनाए,

दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन साउथ जोन ने ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में 6 विकेट पर 242 रन बनाए। कप्तान तिलक वर्मा 56 रन पर नाबाद हैं। देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन बनाए, जबकि शमी और मुकेश ने 2-2 विकेट लिए।

Daleep Trophy Final 2026: चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन साउथ जोन ने पहली पारी में 6 विकेट पर 242 रन बना लिए। कप्तान तिलक वर्मा 56 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि चामा मिलिंद 2 रन पर उनका साथ दे रहे हैं। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर बनाया था, जिसके जवाब में साउथ जोन अभी 466 रन पीछे है।

मंगलवार को दिन का खेल समाप्त होने तक साउथ जोन की टीम ने कुछ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं, लेकिन ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। मैच के चौथे दिन का खेल बुधवार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा।

साउथ जोन की शुरुआत रही खराब

708 रन के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी साउथ जोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने केवल 10 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। रिकी भुई सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

इसके बाद नारायण जगदीसन और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। हालांकि, जगदीसन 32 रन बनाकर आउट हो गए और साउथ जोन को एक बार फिर दबाव का सामना करना पड़ा।

पडिक्कल ने इसके बाद शेख रशीद के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी हुई। शेख रशीद 27 रन बनाकर आउट हुए।

पडिक्कल ने बनाए 62 रन

देवदत्त पडिक्कल ने साउथ जोन की ओर से सबसे महत्वपूर्ण पारियों में से एक खेली। उन्होंने 62 रन बनाकर टीम को शुरुआती झटकों से उबारने में अहम भूमिका निभाई।

पडिक्कल के आउट होने के बाद साउथ जोन की पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कप्तान तिलक वर्मा और मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाजों पर आ गई। टीम अभी भी ईस्ट जोन के विशाल स्कोर से काफी पीछे है, इसलिए चौथे दिन तिलक की पारी साउथ जोन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।

तिलक वर्मा ने जमाया अर्धशतक

साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। दिन का खेल खत्म होने तक वह 56 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।

तिलक ने रविचंद्रन स्मरण के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। स्मरण 23 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद तिलक ने श्रेयस गोपाल के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम की स्थिति को कुछ हद तक संभाला।

श्रेयस गोपाल ने 26 रन बनाए और उनके आउट होने के बाद चामा मिलिंद बल्लेबाजी के लिए आए। स्टंप्स तक तिलक 56 और चामा मिलिंद 2 रन बनाकर नाबाद थे।

चौथे दिन साउथ जोन की सबसे बड़ी चुनौती ईस्ट जोन की बढ़त को कम करना होगी। तिलक की मौजूदगी टीम के लिए अहम है, क्योंकि उनके विकेट के बाद निचले क्रम पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।

शमी और मुकेश ने झटके 2-2 विकेट

ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने साउथ जोन के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि शिखर मोहन को एक सफलता मिली।

शमी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए साउथ जोन के शीर्ष क्रम पर दबाव बनाया। मुकेश कुमार ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

ईस्ट जोन के गेंदबाजों के लिए चौथे दिन सबसे अहम लक्ष्य तिलक वर्मा का विकेट हासिल करना होगा। यदि वे जल्दी विकेट निकालने में सफल रहते हैं, तो साउथ जोन को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

दलीप ट्रॉफी फाइनल: तिलक वर्मा अर्धशतक लगाकर नाबाद, साउथ जोन 242/6; ईस्ट जोन से 466 रन पीछे

वैभव सूर्यवंशी की सलाह से मिला पहला विकेट

तीसरे दिन ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। मुकेश कुमार की गेंद पर रिकी भुई के खिलाफ कैच की अपील हुई। गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ईशान किशन के दस्तानों में गई थी।

ईशान किशन रिव्यू लेने को लेकर असमंजस में थे। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी ने उन्हें रिव्यू लेने की सलाह दी। ईशान ने डीआरएस का इस्तेमाल किया और थर्ड अंपायर ने रिकी भुई को आउट करार दिया।

इस तरह वैभव की सलाह ईस्ट जोन के लिए शुरुआती सफलता हासिल करने में उपयोगी साबित हुई।

ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन

इससे पहले ईस्ट जोन ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। कप्तान और विकेटकीपर ईशान किशन ने टीम की ओर से सबसे बड़ी पारी खेली।

ईशान ने 334 गेंदों का सामना करते हुए 30 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 270 रन बनाए। उनकी लंबी पारी ने ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाया और 101 रन बनाए। शिखर मोहन ने 85 रन की पारी खेली, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन का योगदान दिया।

उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने भी तेजी से रन बनाते हुए 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। उनके आक्रामक योगदान ने ईस्ट जोन के स्कोर को तेजी से बढ़ाने में मदद की।

त्रिपुराना विजय रहे साउथ जोन के सफल गेंदबाज

ईस्ट जोन की पहली पारी के दौरान साउथ जोन की ओर से त्रिपुराना विजय ने सबसे ज्यादा 4 विकेट हासिल किए। चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को 2-2 विकेट मिले, जबकि शेख रशीद ने एक बल्लेबाज को आउट किया।

अभिमन्यु ईश्वरन रन आउट हुए। हालांकि, साउथ जोन के गेंदबाज ईस्ट जोन को 708 रन पर रोकने में सफल नहीं हो सके।

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी इस पारी में कोई विकेट नहीं ले सके। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ भी प्रभावी तरीके से बल्लेबाजी की और बड़ी साझेदारियां बनाईं।

चौथे दिन तिलक पर रहेगी नजर

तीसरे दिन के अंत में साउथ जोन 242/6 के स्कोर पर है और ईस्ट जोन से 466 रन पीछे है। ऐसे में चौथे दिन की शुरुआत तिलक वर्मा और चामा मिलिंद करेंगे।

साउथ जोन की कोशिश पहले अपनी पारी को संभालकर ईस्ट जोन की बढ़त को कम करने की होगी। दूसरी ओर, ईस्ट जोन जल्द से जल्द बचे हुए विकेट हासिल कर अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहेगा।

मैच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए चौथे दिन तिलक वर्मा की बल्लेबाजी मुकाबले का महत्वपूर्ण पहलू हो सकती है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11

ईस्ट जोन: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), एमडी कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार।

साउथ जोन: रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधिश।

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