चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार से इन राज्यों का दौरा शुरू कर रहा है। पहली विजिट असम से शुरू की जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में टीम सोमवार को गुवाहाटी में लैंड करेगी।
नई दिल्ली: भारत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग (Election Commission of India) की टीम सोमवार से इन राज्यों के दौरे पर निकल गई, जिसकी शुरुआत असम से की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम सोमवार को गुवाहाटी पहुंची और 18 फरवरी तक यहां का दौरा पूरा करेगी। इसके बाद आयोग की टीम तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में चुनावी तैयारियों का निरीक्षण करेगी।
पांच राज्यों में चुनाव की पृष्ठभूमि
चुनाव आयोग की योजना के अनुसार इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- पश्चिम बंगाल – विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है।
- तमिलनाडु – विधानसभा का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है।
- केरल, असम और पुडुचेरी – इनमें विधानसभा का कार्यकाल जून 2026 तक है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि चुनावों की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह के बाद की जा सकती है। पिछले साल बिहार में चुनावों की घोषणा 6 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जिसके बाद दो चरणों में मतदान प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हुई थी। इसी तर्ज पर इन पांच राज्यों में भी चुनावी प्रक्रिया मार्च के मध्य तक शुरू होने की संभावना है।

चुनाव आयोग का दौरा क्यों अहम
चुनावों से पहले आयोग का राज्य दौरा चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से हों। दौरे के दौरान आयोग निम्नलिखित पहलुओं का निरीक्षण करता है:
- कानून-व्यवस्था की स्थिति – राज्य में चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का जायजा लेना।
- संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों का निर्धारण – किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होगी।
- मतदान सुविधाएं – मतदान केंद्रों की संख्या और उनकी पहुंच, ताकि मतदाता लंबी दूरी तय किए बिना वोट डाल सकें।
- पोलिंग बूथों की संख्या – सुनिश्चित करना कि हर जिले में पर्याप्त मतदान केंद्र हों।
- प्रशासनिक तैयारियां – पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक।
गुवाहाटी में चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी बैठक करेगा और उनका फीडबैक लेगा। इसके अलावा, आयोग असम के चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी, और सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ भी चर्चा करेगा।









