ईरान‑अमेरिका में दो‑हफ्ते का सीजफायर लागू, ट्रंप बोले 10‑बिंदु प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में ट्रंप ने 10 सूत्री शर्तों को फर्जी बताया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, सैन्य टकराव और तेल आपूर्ति पर खतरा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 10 सूत्री शर्तों को फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी कारण से समझौता विफल हुआ तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद घातक होगी। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और तेल परिवहन पर असर पड़ सकता है।

Iran-US War Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सीजफायर को चुनौती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 10 सूत्री शर्तों को फर्जी बताया और चेतावनी दी कि समझौता विफल होने पर अमेरिका घातक कार्रवाई कर सकता है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है और लेबनान में घटनाओं को लेकर अमेरिका पर आरोप लगाए हैं। यह स्थिति मध्य-पूर्व में सैन्य टकराव और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए गंभीर चिंता पैदा कर रही है।

ट्रंप की धमकी और अमेरिकी सैन्य स्थिति

ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का सैन्य बल और एयरबेस यथास्थित हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और किसी भी समझौते के विफल होने पर घातक प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। उनका दावा है कि ईरान के परमाणु हथियार न रखने और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने का उद्देश्य तय है।

ट्रंप ने मीडिया पर आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन ने झूठे 10 सूत्री प्लान को पेश करके वार्ता को डिरेल करने की कोशिश की। उन्होंने इसे पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत करार दिया।

ईरान की 10 शर्तों का सार

ईरान की शर्तों में शामिल हैं: अमेरिका की आक्रामकता खत्म करना, होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखना, यूरेनियम संवर्धन की स्वीकृति, सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध हटाना, संयुक्त राष्ट्र और आईएईए के प्रस्तावों को समाप्त करना, मुआवजा देना, अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी और सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत।

ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने लेबनान को पहले सीजफायर में शामिल किया था, लेकिन अब इसे छोड़ दिया है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

सीजफायर पर मंडराता खतरा

ट्रंप के बयान और ईरान की प्रतिक्रिया के बीच वार्ता और स्थिरता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल परिवहन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समझौता नहीं हुआ तो दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव की संभावना बढ़ सकती है।

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