ईरान का अमेरिका को नया अल्टीमेटम, कहा- जिंदा कोई नहीं बच पाएगा

ईरान ने अमेरिका को कड़ा अल्टीमेटम दिया, कहा अगर सैनिक आए तो कोई जिंदा नहीं बचेगा। सैन्य ताकत, हवाई हमले और वैश्विक असर पर अपडेट।

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक देश में प्रवेश करते हैं, तो कोई भी जिंदा नहीं बचेगा। ईरानी सेना पूरी तरह सतर्क है और हथियारों व रणनीतिक संसाधनों से किसी भी हमले का मुकाबला करने को तैयार है।

Iran-US War: ईरान ने अमेरिका को एक बार फिर कड़ा संदेश भेजा है। ईरानी सेना के प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके देश में प्रवेश करते हैं, तो कोई भी हमलावर जिंदा नहीं बचेगा। यह बयान ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित कार्यक्रम के दौरान दिया गया। हातामी ने कहा, "हमारे देश से जंग का साया हटना चाहिए और सभी के लिए सुरक्षा होनी चाहिए।" उनका यह संदेश अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान के हथियार और सैन्य ताकत

ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने कहा कि अमेरिका द्वारा निशाना बनाने वाले केंद्र वास्तव में महत्वहीन हैं। उनका दावा है कि ईरान के पास हथियारों और गोला-बारूद का छिपा भंडार मौजूद है। ज़ोल्फागरी ने बताया कि उनका रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन स्थानों पर होता है जिनकी जानकारी अमेरिका को नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी हमलावर वहां कभी नहीं पहुंच पाएंगे। यह बयान ईरान की सैन्य ताकत और उसके रणनीतिक प्लान की तरफ इशारा करता है।

अमेरिका और इज़राइल के हमले

अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान चलाया है। इसमें हजारों लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिसमें सैन्य अड्डे, मिसाइल लॉन्चर और अन्य रणनीतिक स्थल शामिल हैं। इज़राइली सेना के अनुसार, 4,000 से अधिक टारगेट्स और 10,000 से ज्यादा आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए।

हालांकि हाल ही में ईरान की ओर से मिसाइल हमलों में कमी आई है, लेकिन तेहरान अब भी अपने हमले जारी रखने में सक्षम है। यह स्थिति क्षेत्र में तनाव को बढ़ाए हुए है और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

हवाई हमले में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री घायल

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हुए हवाई हमले में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी की मौत हो गई। खराजी वही हैं जिन्होंने संकेत दिया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्ट्स में यह साफ नहीं हो पाया है कि हवाई हमले का लक्ष्य खराजी थे या उनके आसपास का क्षेत्र। इसके बाद खराजी ने CNN को बताया कि अब कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार अपने वादों पर खरा नहीं उतरे।

जंग का वैश्विक असर

अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर रहा है। होरमुज जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है। वैश्विक बाजार में इस संकट ने कीमतों में उछाल ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो इसकी असरदायक लहरें पूरे मध्यपूर्व और एशिया में महसूस की जाएंगी।

ईरानी सेना की तैयारी

ईरानी सेना ने साफ किया है कि वे किसी भी अमेरिकी जमीनी हमले का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि उनके पास पर्याप्त हथियार और रणनीतिक संसाधन मौजूद हैं, जो किसी भी आक्रमण को विफल कर सकते हैं। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ईरान न केवल आत्मरक्षा के लिए तैयार है बल्कि संभावित हमलों के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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