ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया, ट्रम्प बोले- समझौते की कोई जल्दी नहीं

ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया। वहीं ट्रम्प ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने पर सहमत है, लेकिन समझौते की कोई जल्दबाजी नहीं।

ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने पर सहमत है, हालांकि समझौते की जल्दबाजी नहीं है।

ईरान/अमेरिका वॉर: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने रविवार को अपनी हवाई सीमा में घुसे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ड्रोन को एयर डिफेंस और निगरानी सिस्टम ने पहचानने के बाद मिसाइल से निशाना बनाया गया।

IRGC का कहना है कि ड्रोन अमेरिकी सेना का था और वह "दुश्मनी भरे मिशन" के तहत ईरानी सीमा में दाखिल हुआ था। हालांकि अमेरिका की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका धीरे-धीरे अपनी शर्तें मनवा रहा है और अंत में एक बेहतर समझौता करेगा।

ट्रम्प ने कहा, "अगर अच्छी डील नहीं होती तो हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सैन्य विकल्प अभी भी मेज पर मौजूद है।

ट्रम्प का दावा- ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा

इंटरव्यू में ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने पर सहमत हो गया है। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान ईरान ने आश्वासन दिया कि वह भविष्य में परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में कदम नहीं उठाएगा।

हालांकि ईरान की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

व्हाइट हाउस में दो घंटे चली बैठक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक में ईरान से जुड़े हालात, संभावित समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई। इसके बावजूद किसी अंतिम फैसले की घोषणा नहीं की गई।

अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान को समझौते का रास्ता अपनाना होगा, अन्यथा उसे बल प्रयोग का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

ईरान ने अमेरिका पर लगाया धोखा देने का आरोप

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार Mohsen Rezaei ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी रखने के साथ-साथ समुद्री दबाव और प्रतिबंधों को बनाए रखना विश्वास बहाली के प्रयासों के खिलाफ है।

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होर्मुज स्ट्रेट में दिखी संदिग्ध बारूदी सुरंग

इस बीच Oman ने Strait of Hormuz में एक संदिग्ध तैरती हुई समुद्री बारूदी सुरंग देखे जाने की जानकारी दी है। इसके बाद जहाजों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

ईरान ने नई अटैक शिप पेश की

तनाव के बीच ईरान ने अपनी नई तेज रफ्तार नौसैनिक अटैक शिप "27 रजब" भी पेश की है। ईरानी मीडिया के अनुसार यह युद्धपोत लगभग 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकता है और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें दागने में सक्षम है।

WHO की चेतावनी

वहीं, World Health Organization ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है। संगठन के अनुसार लेबनान में स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों पर हमलों के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट की स्थिति बनती जा रही है।

दुनिया की नजरें अमेरिका-ईरान वार्ता पर

ड्रोन गिराए जाने के दावे, परमाणु कार्यक्रम पर जारी बयानबाजी और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान बातचीत के जरिए समाधान निकालते हैं या टकराव का रास्ता और गहरा होता है।

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