ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के चलते अब तक 648 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने हालात और बिगड़ने की चेतावनी दी है।
Iran Protest Violence: ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों ने देश को गंभीर संकट में डाल दिया है। अलग अलग शहरों में भड़की हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका आधारित मानवाधिकार एजेंसियों और नॉर्वे के संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कम से कम 648 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार ने इंटरनेट और फोन कॉल जैसी सेवाओं पर भी सख्त पाबंदी लगा दी है।
मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा
अमेरिकी मानवाधिकार समाचार एजेंसी ने बताया है कि ईरान में हिंसा के दौरान अब तक 646 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं नॉर्वे के IHR ने इस संख्या को 648 बताया है। इन मृतकों में 9 नाबालिग भी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हालात को देखते हुए यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। कई इलाकों में अभी भी झड़पें जारी हैं और घायलों की सही संख्या सामने नहीं आ पाई है।
सरकारी चुप्पी और आधिकारिक आंकड़ों का अभाव

ईरान सरकार ने अब तक न तो मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही घायलों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी है। सरकार की इस चुप्पी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से आंकड़े साझा न करने के पीछे हालात को काबू में दिखाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि जमीनी रिपोर्ट्स इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही हैं।
इंटरनेट और फोन सेवाओं पर सख्ती
हिंसा पर काबू पाने के लिए ईरानी सरकार ने इंटरनेट (internet) सेवाओं को बड़े पैमाने पर बंद कर दिया है। इसके साथ ही कई इलाकों में फोन कॉल (phone call) की सुविधा भी सीमित कर दी गई है। इस वजह से देश के अंदर से सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है। IHR का कहना है कि इंटरनेट बंद होने के कारण सही आंकड़े जुटाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
हजारों लोगों की गिरफ्तारी
ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 10,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों ने आशंका जताई है कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ दुर्व्यवहार हो सकता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर दबाव बढ़ रहा है।
6000 लोगों के मारे जाने की आशंका
नॉर्वे के गैर सरकारी संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने हिंसा को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी दी है। IHR के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए मरने वालों की संख्या 6000 तक पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठन का कहना है कि कई इलाकों में हिंसा की पूरी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। इंटरनेट बंद होने और मीडिया पर नियंत्रण के कारण वास्तविक हालात छिपे रह सकते हैं।
घायलों की बढ़ती संख्या

मौतों के साथ साथ हजारों लोग घायल भी हुए हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई जगहों पर मेडिकल सुविधाओं की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों और नर्सों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि घायलों को समय पर इलाज न मिलने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
तेहरान में हालात सबसे गंभीर
ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) में स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। गुरुवार को AFP के एक वीडियो में तेहरान के मुर्दाघर के बाहर दर्जनों शव देखे गए। यह दृश्य हालात की भयावहता को साफ तौर पर दिखाता है। राजधानी में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा पर सवाल
मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है। IHR ने साफ शब्दों में कहा है कि भारी संख्या में हो रही मौतों और गिरफ्तारियों के बीच चुप रहना सही नहीं होगा। संगठनों का मानना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बेकाबू हो सकते हैं।











