उद्धव और राज ठाकरे पर एकनाथ शिंदे का तीखा हमला, कहा- 'भावनात्मक नाटक अब नहीं चलेगा'

उद्धव और राज ठाकरे पर एकनाथ शिंदे का तीखा हमला, कहा- 'भावनात्मक नाटक अब नहीं चलेगा'

महाराष्ट्र की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में सोमवार, 12 जनवरी को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में महायुति की एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया, जहां शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर जमकर निशाना साधा। 

Maharashtra Politics: मुंबई के शिवाजी पार्क में सोमवार (12 जनवरी) को महायुति की एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें गठबंधन के सभी प्रमुख नेता मंच पर मौजूद रहे। इस सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिकों की मौजूदगी देखने को मिली। सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवतीर्थ और शिवसेना का रिश्ता हमेशा से अटूट रहा है और अब उसी तरह महायुति का भी शिवतीर्थ से मजबूत नाता बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह जनसभा सिर्फ एक राजनीतिक प्रचार नहीं है, बल्कि राज्य में बदलाव की लहर का संकेत है।

शिवतीर्थ और महायुति का नया रिश्ता

सभा को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवतीर्थ और शिवसेना का रिश्ता ऐतिहासिक रहा है और अब उसी तरह महायुति का भी शिवाजी पार्क से अटूट नाता बन गया है। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि “बदलाव की लहर” करार दिया। शिंदे ने कहा कि विरोधी नेता आते हैं, आरोप लगाते हैं और चले जाते हैं, जबकि वे अपने काम के जरिए जवाब देने में विश्वास रखते हैं।

उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (उबाठा) पर हमला बोलते हुए शिंदे ने कहा कि कुछ नेताओं को चुनाव के समय ही मराठी मानुस की याद आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पांच साल तक घर में बैठने वाले नेता चुनाव आते ही यह कहने लगते हैं कि मुंबई खतरे में है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और महायुति के रहते वह कभी खतरे में नहीं होगी।

मराठी महापौर और मराठी अस्मिता

एकनाथ शिंदे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मुंबई का अगला महापौर महायुति का होगा और वह मराठी होगा। उन्होंने उबाठा से सवाल किया कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने मराठी समाज के लिए क्या किया। शिंदे ने कहा कि हर चुनाव को मराठी आदमी की आखिरी लड़ाई बताकर भावनात्मक मुद्दे खड़े किए जाते हैं, लेकिन अब मुंबई की जनता इन बातों को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना था कि महायुति का लक्ष्य मराठी लोगों को मुंबई में सम्मान और अवसर दिलाना है।

अपने भाषण में शिंदे ने अपनी सरकार के विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 20 हजार इमारतों को ओसी (ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट) दिया, पगड़ी प्रथा समाप्त की और गड्ढामुक्त व झोपड़ीमुक्त मुंबई का संकल्प लिया। इसके अलावा क्लस्टर योजना को आगे बढ़ाया गया और गृहिणी कामगारों को घर दिए गए। शिंदे ने कहा कि आने वाले समय में एक लाख और गृहिणी कामगारों को घर देने का लक्ष्य रखा गया है।

उबाठा पर गंभीर आरोप

एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रोका गया, जिससे महाराष्ट्र को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि जहां वे जमीन से जुड़े कार्यकर्ता हैं, वहीं विरोधी नेता बंगले बनाते रहे और गरीब लोग नालों के किनारे रहने को मजबूर रहे। शिंदे ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने पहले रोके गए विकास कार्यों को दोबारा शुरू किया।

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के संभावित गठबंधन पर भी शिंदे ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों नेता पहले एक-दूसरे के खिलाफ क्या-क्या बोलते थे, यह महाराष्ट्र की जनता जानती है। आज दोनों केवल स्वार्थ के लिए साथ आए हैं। शिंदे ने दोहराया कि वे बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलते हैं, जबकि विरोधियों ने उन्हीं विचारों से समझौता किया है।

 

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