ईरान की मशहूर गायिका परस्तू अहमदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन पर दिसंबर 2024 में बिना हिजाब और स्लीवलेस ड्रेस पहनकर ऑनलाइन लाइव कॉन्सर्ट करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: ईरान की गायिका परस्तू अहमदी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। दिसंबर 2024 में आयोजित उनके एक ऑनलाइन लाइव कॉन्सर्ट से जुड़े मामले में ईरान की एक अदालत ने उनके और उनकी टीम के सदस्यों के खिलाफ फैसला सुनाया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने हिजाब नियमों और अन्य सांस्कृतिक कानूनों के कथित उल्लंघन से जुड़े आरोपों में सजा सुनाई है, जिसके बाद देश और विदेश में इस मामले पर व्यापक बहस शुरू हो गई है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर ईरान में महिलाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कला से जुड़े नियमों को वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों और कई कलाकारों ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है।
दिसंबर 2024 के ऑनलाइन कॉन्सर्ट से जुड़ा मामला
रिपोर्टों के अनुसार, परस्तू अहमदी ने दिसंबर 2024 में एक ऑनलाइन लाइव कॉन्सर्ट प्रस्तुत किया था, जिसे बाद में यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। इस प्रस्तुति में उन्होंने पारंपरिक और देशभक्ति से जुड़े गीत गाए, जिन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों ने देखा। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान उनके पहनावे और हिजाब न पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ईरानी अधिकारियों ने इसे स्थानीय सांस्कृतिक और कानूनी नियमों के संभावित उल्लंघन के रूप में देखा, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
कॉन्सर्ट के वायरल होने के बाद परस्तू अहमदी और उनकी टीम के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
अदालत के फैसले ने बढ़ाई चर्चा
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के कोम प्रांत की एक अदालत ने परस्तू अहमदी और उनकी टीम के आठ सदस्यों के खिलाफ फैसला सुनाया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि अदालत ने कथित तौर पर अशोभनीय सामग्री साझा करने और ड्रेस कोड से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर दंड निर्धारित किया है।
बताया जा रहा है कि फैसले में शारीरिक दंड, एक निश्चित अवधि तक विदेश यात्रा पर प्रतिबंध और कलात्मक गतिविधियों से जुड़ी कुछ पाबंदियां शामिल हैं। हालांकि, इस मामले से जुड़े कानूनी दस्तावेजों और संभावित अपील प्रक्रिया पर भी नजर रखी जा रही है।
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मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सांस्कृतिक संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों का मानना है कि देश के सांस्कृतिक और सामाजिक कानूनों का पालन सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य है और संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां विभिन्न संगठन इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ईरान में महिलाओं की सार्वजनिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ड्रेस कोड को लेकर विशेष नियम लागू हैं। महिलाओं के सार्वजनिक प्रदर्शन, संगीत कार्यक्रमों और हिजाब से जुड़े कानून लंबे समय से बहस का विषय रहे हैं।
हाल के वर्षों में इन नियमों को लेकर कई सामाजिक और राजनीतिक चर्चाएं हुई हैं। 2022 में हिजाब से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर भी सुर्खियों में रहा था। परस्तू अहमदी को भी उन कलाकारों में गिना जाता है, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं की भूमिका और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।








