हिंदी सिनेमा और म्यूजिक इंडस्ट्री में इन दिनों हनिता भाम्बरी का नाम चर्चा में है। फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के टाइटल सॉन्ग को अपनी आवाज देने के साथ-साथ उन्होंने इसके बोल भी लिखे हैं।
Hanita Bhambri Interview: फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टाइटल सॉन्ग में विशाल मिश्रा के साथ गाने वाली हनिता भाम्बरी इन दिनों चर्चा में हैं। इस गाने के बोल भी उन्होंने ही लिखे हैं। एक इंटरव्यू में हनिता ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम करने का मौका कैसे मिला और इतने बड़े सिंगर के साथ गाते समय उनके मन में क्या चल रहा था।
फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के टाइटल सॉन्ग में अपनी आवाज देने वाली हनिता भाम्बरी ने हाल ही में अपने संगीत के सफर पर बात की। हनिता गाने लिखने के साथ उन्हें खुद भी गाती हैं। अब तक वह अपने कई गाने रिलीज कर चुकी हैं। इनमें ‘वो सात दिन’ और ‘ओशियंस’ भी शामिल हैं। हनिता ने इंटरव्यू में बताया कि विशाल मिश्रा के साथ काम करना उनके लिए कैसा रहा। इसके अलावा उन्होंने अपने पहले एल्बम ‘शोहरत’ और सोशल मीडिया के दौर में संगीत बनाने को लेकर भी अपनी राय रखी।
पहले गाना लिखने आई थीं, फिर गाने का भी मौका मिल गया
हनिता ने बताया कि शुरुआत में उन्हें ‘टॉक्सिक’ के लिए गाना लिखने का काम मिला था। उस वक्त यह तय नहीं था कि गाना उनकी आवाज में ही रिकॉर्ड होगा।
बाद में जब विशाल मिश्रा और फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने हनिता की आवाज सुनी, तो उन्हें गाना गाने का मौका भी दे दिया गया। हनिता के लिए यह काफी खुशी की बात थी।
जिस गाने को उन्होंने खुद लिखा था, उसे अपनी आवाज में रिकॉर्ड करना उनके लिए एक नया अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि फिल्म में काम करते समय उन्हें अपने अंदाज में गाने की आजादी मिली।
विशाल मिश्रा के सामने आवाज दबने का डर नहीं था
विशाल मिश्रा के साथ गाने को लेकर हनिता ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं थी कि इतने मशहूर सिंगर के सामने उनकी आवाज कम सुनाई देगी।हनिता पहले से विशाल के काम को पसंद करती रही हैं। ऐसे में उनके साथ गाने का मौका मिलना उनके लिए अच्छी बात थी। उन्होंने बताया कि विशाल ने भी उन्हें अपने तरीके से गाने के लिए कहा। किसी खास अंदाज में गाने या अपनी आवाज बदलने का दबाव नहीं था।
हनिता का मानना है कि हर सिंगर की अपनी पहचान होती है। वह भी चाहती हैं कि लोग उन्हें उनकी आवाज से पहचानें। इसीलिए वह किसी दूसरे कलाकार की तरह गाने की कोशिश नहीं करतीं।
![]()
‘शोहरत’ एल्बम के पीछे क्या है कहानी?
हनिता के पहले एल्बम का नाम ‘शोहरत’ है। इस एल्बम में उन्होंने मशहूर होने की चाहत और उससे जुड़ी परेशानियों के बारे में बात की है। हनिता ने बताया कि लोग अक्सर सोचते हैं कि नाम और पैसा मिलने के बाद जिंदगी आसान हो जाती है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। सफलता पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। इस दौरान कई बार निजी जिंदगी और रिश्तों पर भी असर पड़ता है।
इन्हीं बातों को उन्होंने अपने गानों में उतारने की कोशिश की है। उनके मुताबिक, ‘शोहरत’ किसी एक इंसान की कहानी नहीं है। इसमें कई तरह के अनुभव और भावनाएं शामिल हैं। इस एल्बम के जरिए वह यह सवाल उठाना चाहती हैं कि जिस शोहरत के पीछे लोग भागते हैं, क्या उसे पाने के बाद उन्हें सच में खुशी मिलती है?
सिर्फ सोशल मीडिया पर हिट होने के लिए नहीं बनातीं गाने
हनिता ने दूसरे कलाकारों के साथ काम करने के बारे में भी बात की। वह जेडन और अवंती नागराल जैसे कलाकारों के साथ गाने बना चुकी हैं। उनका कहना है कि हर सिंगर का अपना तरीका होता है। जब दो कलाकार मिलकर काम करते हैं, तो दोनों को एक-दूसरे से कुछ सीखने का मौका मिलता है। कई बार इसी से कोई नया और अच्छा गाना बन जाता है।
हालांकि, वह सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए किसी के साथ काम नहीं करना चाहतीं। उनके लिए गाने की क्वालिटी ज्यादा मायने रखती है। हनिता का मानना है कि किसी कलाकार के साथ गाना तभी बनाना चाहिए, जब दोनों मिलकर कुछ अच्छा कर सकें।
एक ही तरह के गाने नहीं करना चाहतीं हनिता
हनिता ने बताया कि वह खुद को किसी एक तरह के संगीत तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। उन्हें अलग-अलग विषयों पर गाने लिखना और नए तरीके से संगीत बनाना पसंद है। अब तक अपने गाने खुद तैयार करने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है। वह अपनी आवाज और लिखने के अंदाज को अच्छी तरह समझ पाई हैं। ‘टॉक्सिक’ में काम करना भी उनके लिए इसी सफर का हिस्सा है। हनिता आगे भी फिल्मों के साथ अपने गानों पर काम करना चाहती हैं।









