हिंदू धर्म में Ekadashi व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान Vishnu को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे सुख-समृद्धि तथा मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
Ekadashi Vrat 2026: हिंदू धर्म में Ekadashi व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान Vishnu को समर्पित होता है और इसे सबसे पवित्र उपवासों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने दो बार एकादशी आती है—एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। हर एकादशी का नाम और महत्व अलग-अलग होता है। मार्च 2026 में दो प्रमुख एकादशी व्रत रखे जाएंगे—Papmochini Ekadashi और Kamada Ekadashi। आइए जानते हैं मार्च 2026 में आने वाली इन दोनों एकादशी व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय।
मार्च 2026 में एकादशी व्रत की तिथियां
मार्च 2026 में दो महत्वपूर्ण एकादशी व्रत पड़ रहे हैं:
- पापमोचिनी एकादशी – 15 मार्च 2026
- कामदा एकादशी – 29 मार्च 2026
दोनों ही एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा कर उपवास रखते हैं।

पापमोचिनी एकादशी 2026: तिथि और पारण समय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, होली के बाद और नए संवत्सर से पहले आने वाली एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। इसे वर्ष की अंतिम एकादशी भी माना जाता है। पंचांग के अनुसार:
- एकादशी तिथि प्रारंभ – 14 मार्च 2026, सुबह 8:10 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त – 15 मार्च 2026, सुबह 9:16 बजे
इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा कर उपवास रखते हैं और अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण किया जाता है।
पारण का समय
- 16 मार्च 2026, सुबह 6:46 बजे से 9:11 बजे तक
द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय 16 मार्च को सुबह 9:40 बजे तक रहेगा। इसलिए पारण इसी अवधि में करना शुभ माना जाता है।
कामदा एकादशी 2026: तिथि और पारण समय
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और पापों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह एकादशी Chaitra Navratri और Ram Navami के बाद आने वाली पहली एकादशी होती है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार:
- एकादशी तिथि प्रारंभ – 28 मार्च 2026, सुबह 8:45 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त – 29 मार्च 2026, सुबह 7:46 बजे
पारण का समय
- 30 मार्च 2026, सुबह 6:34 बजे से 7:09 बजे तक
द्वादशी तिथि का समापन भी उसी दिन सुबह 7:09 बजे होगा। इसलिए इस समय के भीतर पारण करना उचित माना जाता है।
एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, भजन और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पौराणिक मान्यता यह भी है कि एकादशी का उपवास रखने से मन और शरीर दोनों की शुद्धि होती है।
साथ ही यह व्रत व्यक्ति को संयम और अनुशासन का अभ्यास भी कराता है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं, और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक पारण करके व्रत पूरा करते हैं।











