भारत के अरबों डॉलर के प्रस्तावित सौदे पर एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर और महिंद्रा ग्रुप की नजर है। भारत करीब 80 मध्यम परिवहन विमानों (MTA) की खरीद की योजना बना रहा है। इसी बीच एम्ब्रेयर और महिंद्रा ग्रुप ने नागपुर को संभावित विनिर्माण केंद्र के तौर पर चुना है।
Embraer Mahindra C-390 Millennium: भारत के संभावित बड़े सैन्य परिवहन विमान सौदे को लेकर एम्ब्रेयर और महिंद्रा ग्रुप ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों कंपनियां भारतीय वायुसेना के करीब 80 मध्यम परिवहन विमानों (MTA) के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए C-390 Millennium को आगे बढ़ा रही हैं। अगर भारत सरकार इस विमान का चयन करती है और भारतीय वायुसेना की ओर से ऑर्डर मिलता है, तो महाराष्ट्र के नागपुर में C-390 Millennium के लिए फाइनल असेंबली लाइन स्थापित की जा सकती है।
यह योजना भारत में विमान निर्माण, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने से जुड़ी है। हालांकि, नागपुर में प्रस्तावित उत्पादन केंद्र की स्थापना अभी किसी अंतिम सरकारी खरीद निर्णय का हिस्सा नहीं है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय वायुसेना के MTA कार्यक्रम के लिए किस विमान का चयन होता है।
नागपुर में क्या तैयार करने की योजना?
एम्ब्रेयर और महिंद्रा के अनुसार, दोनों कंपनियां भारत में C-390 Millennium के लिए औद्योगिक और सपोर्ट इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम कर रही हैं। इसके तहत नागपुर को संभावित फाइनल असेंबली लाइन के स्थान के रूप में चुना गया है। प्रस्तावित सुविधा में विमान की स्थानीय असेंबली के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग, सिस्टम इंटीग्रेशन और भारतीय सप्लाई चेन विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य भारत में केवल विमानों की असेंबली तक सीमित नहीं रहना, बल्कि पूरे एयरोस्पेस सपोर्ट सिस्टम को विकसित करना है।
दोनों कंपनियां इस तैयारी के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ भी काम कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यदि C-390 Millennium को MTA कार्यक्रम के लिए चुना जाता है, तो जरूरी औद्योगिक ढांचे पर तेजी से काम शुरू किया जा सकेगा।
भारतीय वायुसेना को क्यों चाहिए MTA?
भारतीय वायुसेना के प्रस्तावित Medium Transport Aircraft कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने मध्यम श्रेणी के परिवहन विमानों को आधुनिक प्लेटफॉर्म से बदलना है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 80 विमानों की खरीद की योजना है। इससे वायुसेना की सैन्य परिवहन क्षमता को आधुनिक बनाने में मदद मिल सकती है। इस दौड़ में C-390 Millennium के अलावा Airbus A400M और Lockheed Martin C-130J Super Hercules भी प्रमुख दावेदार हैं। भारतीय वायुसेना पहले से ही C-130J Super Hercules के 12 विमानों का संचालन करती है।
महिंद्रा ने नागपुर को लेकर क्या कहा?

महिंद्रा ग्रुप की ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य विनोद सहाय ने कहा कि कंपनी भारत में विश्वस्तरीय एयरोस्पेस सिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, एम्ब्रेयर के साथ C-390 Millennium पर सहयोग के जरिए बड़े रक्षा कार्यक्रम को संभालने के लिए जरूरी औद्योगिक क्षमता तैयार करने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने नागपुर को इस तरह की औद्योगिक क्षमता विकसित करने के लिए संभावित महत्वपूर्ण स्थान बताया। साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से जमीन और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े सहयोग का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ये तैयारियां तभी आगे बढ़ेंगी जब भारत सरकार C-390 Millennium को चुनेगी और भारतीय वायुसेना की ओर से संबंधित ऑर्डर दिया जाएगा।
एम्ब्रेयर ने साझेदारी को बताया अहम कदम
एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी के अध्यक्ष एवं सीईओ बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने महिंद्रा के साथ साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में नागपुर की पहचान को महत्वपूर्ण कदम बताया। कंपनी के अनुसार, भारत में उत्पादन और सपोर्ट क्षमताएं विकसित करने से देश के एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
एम्ब्रेयर भारत में स्थानीय औद्योगिक क्षमता और रक्षा क्षेत्र की घरेलू सप्लाई चेन को बढ़ाने की दिशा में साझेदारों के साथ काम करने की योजना पर जोर दे रही है।
C-390 प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी क्षमता आएगी?
यदि C-390 Millennium के लिए अनुबंध मिलता है, तो प्रस्तावित नागपुर केंद्र में कई तरह की क्षमताएं विकसित की जा सकती हैं। इनमें विमान की फाइनल असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग और स्थानीय कंपनियों को सप्लाई चेन से जोड़ना शामिल है। इसके अलावा विमान के संचालन के दौरान मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO), प्रशिक्षण और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट जैसी सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय एयरोस्पेस कंपनियों के लिए लंबे समय तक चलने वाले औद्योगिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
एम्ब्रेयर और महिंद्रा की साझेदारी कब शुरू हुई?
एम्ब्रेयर और महिंद्रा ने फरवरी 2024 में एक समझौता ज्ञापन के जरिए सहयोग की शुरुआत की थी। इसके बाद दोनों कंपनियों ने अक्टूबर 2025 में रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाया। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना के MTA कार्यक्रम के लिए C-390 Millennium को संयुक्त रूप से पेश करना और भारत में इससे जुड़ी औद्योगिक क्षमताएं विकसित करना था।
साझेदारी में स्थानीय विनिर्माण, विमान असेंबली, सप्लाई चेन, औद्योगिक उत्पादन और MRO जैसी गतिविधियों में सहयोग की योजना शामिल है। फरवरी 2026 में दोनों कंपनियों ने भारत में C-390 Millennium के लिए MRO क्षमता विकसित करने की दिशा में भी अपनी योजना सामने रखी थी।









