एमके ग्लोबल ने Ujjivan Small Finance Bank पर BUY रेटिंग जारी की। स्टॉक वर्तमान में 53 रुपये पर बंद हुआ है और 72 रुपये के टारगेट तक पहुंचने पर निवेशकों को 35% तक रिटर्न मिल सकता है।
SmallCap Stock: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (19 मार्च) को लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के बाद गिरावट में बंद हुआ। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमलों की खबर से निवेशकों में डर व्याप्त रहा। शुरुआती कारोबार में ही भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। इस कमजोरी के बीच एमके ग्लोबल ने स्मालकैप बैंकिंग स्टॉक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पर पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक मजबूत रिकवरी की राह पर है और लंबे समय में निवेशकों को लाभ दे सकता है।
एमके ग्लोबल की BUY रेटिंग और टारगेट प्राइस
एमके ग्लोबल ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के लिए 72 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। वर्तमान में शेयर गुरुवार को लगभग 53 रुपये पर बंद हुआ। यदि स्टॉक ब्रोकरेज द्वारा तय लक्ष्य तक पहुंचता है, तो निवेशकों को 35 प्रतिशत का रिटर्न मिल सकता है।
BUY की सलाह के पीछे ब्रोकरेज की वजहें
एमके ग्लोबल ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रमुख विभास चंद्र और निवेशक संबंध टीम के साथ कॉल के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसमें बैंक की वृद्धि, एसेट क्वालिटी के रुझान, प्रस्तावित बिहार एमएफआई अध्यादेश, आने वाले बहु-राज्य चुनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के संभावित कारोबारी प्रभाव शामिल थे।
प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों में बैंक की वृद्धि और एसेट क्वालिटी में सुधार सही दिशा में है। पहली तिमाही में मौसमी कारणों जैसे गर्मी की लहर या चुनाव के दौरान सीमित आवाजाही का असर कम रहने की उम्मीद है। एमएफआई नियमों के असर में भी धीरे-धीरे कमी आ रही है। तीन या उससे अधिक ऋणदाताओं वाले पोर्टफोलियो आने वाली तिमाहियों में लगभग समाप्त हो जाएंगे।
हाल ही में कुछ रेस्तरां और छोटे व्यवसायों के आंशिक बंद होने का असर भी सीमित रहने की संभावना है, बशर्ते भू-राजनीतिक स्थिति जल्द स्थिर हो जाए।
बैंक की रणनीति
ब्रोकरेज के अनुसार, उज्जीवन बैंक अपनी लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी के तहत सुरक्षित ऋण जैसे गोल्ड लोन में तेजी से वृद्धि करने की योजना बना रहा है। यह वृद्धि बिना ऋण देने के मानकों को कमजोर किए की जाएगी। बैंक का प्रबंधन ‘यूनिवर्सल बैंक’ लाइसेंस के प्रति आशावादी है। भारतीय रिजर्व बैंक की पूछताछ में कमी आई है, हालांकि किसी निश्चित समयसीमा का वादा नहीं किया गया।
इस रणनीति से बैंक लंबे समय में मजबूत रिकवरी की राह पर चल सकता है। निवेशकों को स्टॉक में लम्बे समय के लिए अवसर मिल सकता है और स्टॉक धीरे-धीरे एमके ग्लोबल द्वारा तय टारगेट प्राइस तक पहुंच सकता है।










