एंटीबायोटिक दवाओं का गलत इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। डॉ. प्रवेश मेहरा के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह या पूरी खुराक न लेने से बैक्टीरिया दवाओं के प्रति मजबूत हो जाते हैं, जिससे संक्रमण लंबा चलता है और इलाज मुश्किल हो जाता है। सही और जिम्मेदार उपयोग ही AMR जैसी समस्याओं से बचाव का तरीका है।
Safe Use Of Antibiotics: विशेषज्ञ डॉ. प्रवेश मेहरा ने चेतावनी दी है कि एंटीबायोटिक का गलत या जरूरत से ज्यादा उपयोग बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। भारत समेत पूरी दुनिया में बढ़ती AMR (एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस) समस्या की वजह से साधारण संक्रमण भी गंभीर बन सकते हैं। केवल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित खुराक के अनुसार दवा लेना ही सुरक्षित इलाज सुनिश्चित करता है।
एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल क्यों खतरनाक है
आज के समय में लोग मामूली बुखार, खांसी या गले की खराश में बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के डॉ. प्रवेश मेहरा के अनुसार, यह आदत बैक्टीरिया को दवाओं के खिलाफ मजबूत बना देती है। जब दवा पूरी खुराक या सही समय तक नहीं ली जाती, तो कुछ बैक्टीरिया जीवित रह जाते हैं, जिससे भविष्य में वही दवा काम नहीं करती। इसके परिणामस्वरूप संक्रमण लंबा चलता है और इलाज मुश्किल हो जाता है।
गलत इस्तेमाल बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है। भविष्य में सर्जरी, कैंसर इलाज और ICU में होने वाले उपचार भी अधिक जोखिम भरे हो सकते हैं।

AMR (एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस) क्या है
डॉ. मेहरा बताते हैं कि AMR यानी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस वह स्थिति है जिसमें बैक्टीरिया दवाओं के खिलाफ ताकतवर हो जाते हैं। आसान भाषा में कहें तो दवा अपना असर खो देती है। यह धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है और इसे साइलेंट महामारी भी कहा जाता है।
AMR का मुख्य कारण एंटीबायोटिक का जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल है। जब दवाएं असर करना बंद कर देती हैं, तो साधारण संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है। यह न केवल मरीज की जान को खतरे में डालता है, बल्कि इलाज का खर्च और समय भी बढ़ा देता है। पूरी दुनिया के लिए AMR गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है।
एंटीबायोटिक का सही इस्तेमाल कैसे करें
एंटीबायोटिक का सुरक्षित उपयोग ही इस खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए और पूरी अवधि तक निर्धारित खुराक लेना अनिवार्य है। वायरल बीमारियों जैसे सर्दी, खांसी, फ्लू या सामान्य बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती।
खुद से दवा शुरू या बंद करने से बचें। बची हुई एंटीबायोटिक का दोबारा उपयोग न करें। सही और जिम्मेदार इस्तेमाल ही सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की गारंटी है।













