जापान के आइची-नागोया में भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में सिल्वर मेडल जीता है। ईशा ने शूटिंग की व्यस्त ट्रेनिंग के चलते शुरुआती पढ़ाई के बाद होम स्कूलिंग का रास्ता चुना था।
एजुकेशन: भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का मान बढ़ाया है। ईशा इससे पहले 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। शूटिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद अपनी व्यस्त ट्रेनिंग को देखते हुए होम स्कूलिंग का विकल्प चुना था।
एशियन गेम्स में ईशा सिंह का सिल्वर
ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी उन्होंने इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। इस तरह उन्होंने एक बार फिर एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को दोहराया है।

ईशा का सफर यह भी दिखाता है कि खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन से गुजरना पड़ता है। उनके मामले में शूटिंग की तैयारी के साथ पढ़ाई को संतुलित करने के लिए होम स्कूलिंग का विकल्प चुना गया।
शुरुआती पढ़ाई के बाद चुनी होम स्कूलिंग
ईशा सिंह ने अपनी शुरुआती शिक्षा हैदराबाद के बोल्टन स्कूल और रेकेल्फोर्ड हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद निशानेबाजी के कड़े और व्यस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के चलते उन्होंने होम स्कूलिंग का रास्ता अपनाया। इसका उद्देश्य पढ़ाई और खेल की तैयारी के बीच संतुलन बनाए रखना था।
ईशा के पिता भी स्पोर्ट्समैन रहे हैं। उनका मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ बच्चों के समग्र विकास और अनुशासन के लिए खेलों की भी अहम भूमिका है।
1 जनवरी 2005 को हैदराबाद में हुआ जन्म
ईशा सिंह का जन्म 1 जनवरी 2005 को हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता का नाम सचिन सिंह और मां का नाम श्रीलता है। हैदराबाद के गाचीबोवली एथलेटिक स्टेडियम में शूटिंग रेंज जाने के बाद उन्हें एयर पिस्टल में करियर बनाने की प्रेरणा मिली।
शूटिंग से पहले ईशा गो-कार्टिंग, बैडमिंटन, टेनिस और स्केटिंग में भी हाथ आजमा चुकी हैं। शुरुआत में उनकी प्रैक्टिस के लिए उनके पिता ने घर में ही शूटिंग रेंज तैयार की थी।
गगन नारंग की अकादमी में ली ट्रेनिंग
बेहतर तैयारी के लिए ईशा सिंह ने ओलंपिक मेडलिस्ट गगन नारंग की गन फॉर ग्लोरी अकादमी ज्वाइन की। इसके बाद उन्होंने निशानेबाजी में अपनी पहचान बनाई और 2023 से लेकर अब तक दर्जनों मेडल हासिल कर चुकी हैं।
ईशा सिंह को उनके योगदान के लिए 2023 में अर्जुन पुरस्कार और 2024 में इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स से सम्मानित किया जा चुका है। अब एशियन गेम्स में 25 मीटर पिस्टल का सिल्वर मेडल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।












