पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। बंगाल में BJP और TMC के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है, जबकि असम में NDA, केरल में UDF और तमिलनाडु में DMK गठबंधन को बढ़त मिलने का अनुमान है।
कोलकाता/गुवाहाटी/चेन्नई/तिरवंतपुरम: भारत के पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब सबकी नजर एग्ज़िट पोल पर टिकी हुई है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ जनता भी यह जानना चाहती है कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनने की संभावना है।
हालांकि एग्ज़िट पोल अंतिम परिणाम नहीं होते, लेकिन ये चुनावी रुझानों और मतदाताओं के मूड का संकेत जरूर देते हैं। इन सभी राज्यों के आधिकारिक नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल: भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर
294 सीटों पर किसे मिल सकती है बढ़त?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार देश के सबसे चर्चित चुनावों में शामिल रहे। राज्य में दो चरणों में मतदान हुआ और कुल मतदान प्रतिशत 92 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज किया गया, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है। अलग-अलग एग्ज़िट पोल्स में अलग-अलग तस्वीर दिखाई दे रही है।
कुछ सर्वेक्षणों में Bharatiya Janata Party (BJP) को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि कुछ में Trinamool Congress (TMC) मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
प्रमुख एग्ज़िट पोल के अनुमान
- पी-मार्क एग्ज़िट पोल: बीजेपी 150-175 सीटें, TMC 118-138 सीटें
- मैटराइज एग्ज़िट पोल: बीजेपी 146-161 सीटें, TMC 125-140 सीटें
- पीपल्स पल्स: TMC 177-187 सीटें, बीजेपी 95-110 सीटें
- चाणक्य स्ट्रेटेजीज़: बीजेपी 150-160 सीटें, TMC 130-140 सीटें
इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य में मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है।
असम: बीजेपी गठबंधन की वापसी के संकेत
अधिकांश एग्ज़िट पोल में NDA को स्पष्ट बढ़त
असम में 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए एक चरण में मतदान हुआ था। यहां बहुमत का आंकड़ा 64 सीटों का है।
लगभग सभी प्रमुख एग्ज़िट पोल्स में Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाले गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है।
एग्ज़िट पोल के प्रमुख आंकड़े
- एक्सिस माई इंडिया: बीजेपी गठबंधन 88-100 सीटें
- जेवीसी: बीजेपी गठबंधन 88-101 सीटें
- पी-मार्क: बीजेपी गठबंधन 82-94 सीटें
- मैटराइज: बीजेपी गठबंधन 85-95 सीटें
वहीं Indian National Congress के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 20 से 40 सीटों के बीच रहने का अनुमान है।

विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और संगठनात्मक मजबूती बीजेपी के पक्ष में जाती दिख रही है।
केरल: यूडीएफ की वापसी के संकेत
एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सीधी लड़ाई
केरल में परंपरागत रूप से सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड देखा जाता रहा है। इस बार भी अधिकांश एग्ज़िट पोल United Democratic Front (UDF) को बढ़त दिखा रहे हैं।
140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए।
प्रमुख एग्ज़िट पोल
- एक्सिस माई इंडिया: UDF 78-90 सीटें
- पी-मार्क: UDF 71-79 सीटें
- मैटराइज: UDF 70-75 सीटें
- पीपल्स पल्स: UDF 75-85 सीटें
वहीं सत्तारूढ़ Left Democratic Front (LDF) को 49 से 69 सीटों के बीच रहने का अनुमान है।
राज्य में Bharatiya Janata Party को सीमित सफलता मिलने की संभावना जताई गई है।
तमिलनाडु: डीएमके गठबंधन मजबूत, लेकिन TVK ने बढ़ाई दिलचस्पी
234 सीटों पर मुकाबला बेहद अहम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। यहां 234 सीटों के लिए मतदान हुआ और बहुमत का आंकड़ा 118 है।
अधिकांश एग्ज़िट पोल्स में Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है।
प्रमुख अनुमान
- पी-मार्क: DMK गठबंधन 125-145 सीटें
- मैटराइज: DMK गठबंधन 122-132 सीटें
- पीपल्स पल्स: DMK गठबंधन 125-145 सीटें
- चाणक्य स्ट्रेटेजीज़: DMK गठबंधन 145-160 सीटें
हालांकि एक्सिस माई इंडिया के एग्ज़िट पोल ने अलग तस्वीर पेश की है, जिसमें TVK को 98-120 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
इस वजह से तमिलनाडु के नतीजों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों में खास उत्सुकता बनी हुई है।
पुडुचेरी: बीजेपी गठबंधन को बढ़त
केंद्र शासित प्रदेश में NDA की मजबूत स्थिति
पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत है।
दोनों प्रमुख एग्ज़िट पोल्स में Bharatiya Janata Party गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई गई है।
अनुमान
- एक्सिस माई इंडिया: बीजेपी गठबंधन 16-20 सीटें
- पीपल्स पल्स: बीजेपी गठबंधन 16-19 सीटें
- वहीं कांग्रेस गठबंधन को 6 से 12 सीटों के बीच रहने का अनुमान है।
क्या एग्ज़िट पोल हमेशा सही साबित होते हैं?
एग्ज़िट पोल मतदान के बाद मतदाताओं से बातचीत और सैंपल सर्वे के आधार पर तैयार किए जाते हैं। हालांकि कई बार वास्तविक नतीजे इनसे अलग भी आते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि—
- क्षेत्रीय समीकरण
- अंतिम समय का वोट स्विंग
- स्थानीय मुद्दे
- ग्रामीण और शहरी मतदान पैटर्न
एग्ज़िट पोल के आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं।
इसी वजह से चुनाव आयोग और राजनीतिक विश्लेषक अंतिम नतीजों का इंतजार करने की सलाह देते हैं।











