एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, इंडिगो की 1,000+ उड़ानें रद्द, यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा भारी

इंडिगो ने तीन दिनों में 1,000+ उड़ानें रद्द कीं। क्रू कमी और तकनीकी समस्याओं से यात्रियों को दिक्कत, DGCA ने एयरलाइन को सुधार के निर्देश दिए।

इंडिगो ने तीन दिनों में 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं, तकनीकी और क्रू की कमी के कारण यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। DGCA ने एयरलाइन को सुधार के निर्देश दिए हैं, संचालन 10 फरवरी तक सामान्य होने की उम्मीद।

Indigo Flights Cancelled: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने हाल ही में परिचालन संकट का सामना किया है। शुक्रवार को एयरलाइन ने 400 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं और विभिन्न हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानों में विलंब हुआ। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर 220 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जबकि बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 100 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं। इसके अलावा हैदराबाद हवाई अड्डे पर भी 90 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं।

इस संकट का मुख्य कारण इंडिगो के केबिन क्रू की कमी और टेक्निकल समस्याओं को बताया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) पिछले कई दिनों से इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एयरलाइन ने DGCA को सूचित किया है कि 10 फरवरी, 2026 तक उड़ान संचालन पूरी तरह से स्थिर होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट पर ऑपरेशनल चुनौतियां

केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो की चार उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसमें दो आने वाली और दो जाने वाली उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा, तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें देरी का शिकार हुईं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट और महाराष्ट्र के प्रमुख एयरपोर्ट जैसे पुणे और मुंबई में भी इंडिगो को संचालन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एयरलाइन की उड़ानें प्रभावित हुईं।

यात्रियों को देरी और कैंसलेशन के कारण दूसरी फ्लाइट बुक करने के लिए 20,000 से 30,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। एक यात्री ने बताया कि अहमदाबाद से वाराणसी की फ्लाइट के रद्द होने के बाद वे लगभग 10-12 घंटे एयरपोर्ट पर फंसे रहे और न तो उन्हें खाना मिला और न ही पानी। दूसरी एयरलाइन के टिकट का किराया दोगुना होने के कारण उन्हें और परेशानी उठानी पड़ी।

तीन दिनों में 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द

इंडिगो ने गुरुवार को 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं, जो एयरलाइन के इतिहास में एक दिन में सबसे अधिक रद्द की गई उड़ानों की संख्या है। शुक्रवार को 400 से अधिक उड़ानें रद्द होने के साथ ही तीन दिनों में कुल 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इससे यात्रियों के ट्रैवल प्लान पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

DGCA ने एयरलाइन से कहा है कि वह स्थिति को सुधारने के लिए तत्पर रहे और FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों के तहत कुछ अस्थायी छूट मांगी गई है। एयरलाइन ने आश्वासन दिया है कि 10 फरवरी, 2026 तक ऑपरेशन पूरी तरह से स्थिर और सामान्य स्थिति में लौट आएंगे।

इंडिगो ने उड़ानों में कमी का किया संकेत

एयरलाइन ने बताया कि 8 दिसंबर से दैनिक उड़ानों की संख्या को कुछ हद तक कम किया जाएगा ताकि ऑपरेशनल समस्याओं को मैनेज किया जा सके। DGCA ने एयरलाइन को चेतावनी दी है कि वह इस स्थिति का फायदा उठाकर टिकट की कीमतें बढ़ाने की कोशिश न करे।

इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया है कि वे फंसे हुए यात्रियों को हर संभव मदद प्रदान करें। एयरलाइन की ओर से भी कहा गया है कि सेफ्टी मार्जिन बनाए रखते हुए यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

एयरलाइन की प्रतिक्रिया

दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को इंडिगो की 225 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इससे यात्रियों में गुस्सा और नाराजगी फैल गई। कई यात्रियों ने बताया कि लंबे समय तक हवाई अड्डे पर फंसे रहने के कारण उन्हें न तो आराम मिल सका और न ही खानपान की सुविधा।

इंडिगो का कहना है कि ऑपरेशन में व्यवधान क्रू की कमी और टेक्निकल समस्याओं के कारण आया है। एयरलाइन ने DGCA को भरोसा दिलाया है कि सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और अगले कुछ दिनों में उड़ानों का संचालन सामान्य होगा।

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