फतेहपुर के चर्चित तिहरे हत्याकांड में जिला प्रशासन ने गैंग्स्टर एक्ट के तहत मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह और उसके परिवार की 52.20 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की। कार्रवाई पुलिस और राजस्व विभाग की निगरानी में की गई।
फतेहपुर: फतेहपुर के चर्चित तिहरे हत्याकांड में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग्स्टर एक्ट के तहत मुख्य आरोपी सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह और उसके परिवार के नाम दर्ज 52.20 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों में जमा रकम कुर्क कर ली। पुलिस ने राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में गांव पहुंचकर संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई पूरी की।
गैंग्स्टर एक्ट के तहत हुई बड़ी कार्रवाई
फतेहपुर के चर्चित तिहरे हत्याकांड में जिला प्रशासन ने मुख्य आरोपी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 52.20 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने अकबरपुर चोराई और नरौली खुर्द गांव में पहुंचकर आरोपियों के नाम दर्ज जमीन, बैंक खातों और अन्य चल-अचल संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में लिया। कुर्क की गई संपत्तियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी एसडीएम खागा को सौंपी गई है।
तिहरे हत्याकांड के बाद तेज हुई कानूनी कार्रवाई
यह मामला 8 अप्रैल 2025 को अखरी गांव में हुए तिहरे हत्याकांड से जुड़ा है। इस घटना में भाकियू नेता विनोद उर्फ पप्पू सिंह, उनके भाई अनूप सिंह और बेटे अभय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने गांव के ही रहने वाले सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उसके दोनों बेटों और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। प्रशासन का कहना है कि गैंग्स्टर एक्ट के तहत अपराध से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अन्य संपत्तियों का भी किया जा रहा मूल्यांकन
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के नाम दर्ज जमीन पर कुर्की के बोर्ड लगाए और एक स्कॉर्पियो तथा ट्रैक्टर को भी जब्त किया। प्रशासन के अनुसार सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उसके बेटे पियूष सिंह और भूपेंद्र सिंह तथा पत्नी ममता सिंह के नाम दर्ज संपत्तियों के साथ उनके बैंक खातों में जमा धनराशि को भी कुर्क किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की अन्य अचल संपत्तियों का भी मूल्यांकन कराया जा रहा है। यदि जांच में अतिरिक्त संपत्तियां सामने आती हैं और आवश्यक अनुमति मिलती है, तो उन पर भी कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
कुर्की की कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक अरुण चतुर्वेदी, नायब तहसीलदार नितिन कुमार, पुलिस और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गांव में कार्रवाई देखने के लिए स्थानीय लोग भी एकत्र हुए, लेकिन पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही।











