अटलांटा से उड़ान भरने वाली American Airlines की फ्लाइट में एक यात्री के लैपटॉप में आग लग गई। हादसे में करीब 4-5 यात्री झुलसे। घटना के बाद FAA ने Lithium Battery Safety को लेकर चेतावनी जारी की।
Laptop Fire: अटलांटा से उड़ान भरने वाली American Airlines की फ्लाइट में 133 यात्रियों के बीच उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक पैसेंजर के लैपटॉप में अचानक आग लग गई। आग केबिन के पिछले हिस्से में फैल गई और करीब 4-5 यात्रियों के झुलसने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद FAA ने लिथियम-आयन और लिथियम-मेटल बैटरियों के इस्तेमाल को लेकर यात्रियों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए।
फ्लाइट में लैपटॉप में लगी अचानक आग
पिछले सप्ताह American Airlines की एक फ्लाइट में लैपटॉप में आग लगने की घटना सामने आई। यह फ्लाइट अटलांटा से रवाना हुई थी और इसमें कुल 133 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान एक यात्री के लैपटॉप में अचानक आग लग गई।

आग लगने के बाद विमान के केबिन में अफरातफरी मच गई। CBS की रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट ने कंट्रोल रूम से बातचीत के दौरान बताया कि विमान के पिछले हिस्से में केबिन में आग लगी थी। इस घटना में करीब चार से पांच यात्रियों के झुलसने की जानकारी सामने आई।
घटना ने विमान में इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और उनकी बैटरियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने या उसके फटने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
Lithium Battery क्यों बन सकती है खतरा?
FAA के मुताबिक, लिथियम-आयन बैटरियों में ओवरहीटिंग की स्थिति पैदा हो सकती है। बैटरी में होने वाली इस प्रक्रिया को Thermal Runaway कहा जाता है। इसमें बैटरी तेजी से गर्म हो सकती है और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है।
Thermal Runaway कई कारणों से हो सकता है। बैटरी के डैमेज होने, जरूरत से ज्यादा गर्म होने, पानी के संपर्क में आने या ओवरचार्ज होने से यह समस्या पैदा हो सकती है। बैटरी की गलत पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट भी इसके संभावित कारणों में शामिल हैं।
अगर किसी यात्री को फोन, लैपटॉप, पावर बैंक या किसी दूसरे लिथियम बैटरी वाले डिवाइस में असामान्य गर्मी, सूजन, धुआं या आग दिखाई दे तो उसे तुरंत फ्लाइट क्रू को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
Extra Lithium Batteries को लेकर नियम
FAA की सुरक्षा सलाह के अनुसार, पावर बैंक, अतिरिक्त लैपटॉप बैटरी, फोन बैटरी, चार्जिंग केस और अन्य अतिरिक्त लिथियम-आयन या लिथियम-मेटल बैटरियों को आम तौर पर Carry-on Baggage में ही रखना चाहिए।
नॉन-रिचार्जेबल लिथियम-मेटल बैटरी में लिथियम कंटेंट की सीमा प्रति बैटरी 2 ग्राम तक निर्धारित है। वहीं रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी की क्षमता सामान्य तौर पर अधिकतम 100 Wh होनी चाहिए।
एयरलाइन की विशेष मंजूरी मिलने पर यात्री 101 से 160 Wh तक की बड़ी लिथियम-आयन बैटरी के अधिकतम दो अतिरिक्त पीस ले जा सकते हैं। इसी तरह 2 से 8 ग्राम लिथियम वाली कुछ लिथियम-मेटल बैटरियों के लिए भी निर्धारित शर्तों के तहत अनुमति मिल सकती है।
Damaged Battery को विमान में ले जाने से बचें
FAA के अनुसार खराब या रिकॉल की गई बैटरियों और ऐसे बैटरी से चलने वाले डिवाइस को विमान में नहीं ले जाना चाहिए, जिनसे चिंगारी निकलने या खतरनाक तरीके से गर्म होने की आशंका हो।
अगर किसी खराब डिवाइस से बैटरी निकाल दी गई हो या उसे इस तरह सुरक्षित कर दिया गया हो कि वह खतरनाक स्थिति पैदा न कर सके, तभी उसे ले जाने की अनुमति मिल सकती है।
फ्लाइट क्रू को भी केबिन में लिथियम बैटरी से जुड़ी आग या ओवरहीटिंग की स्थिति को पहचानने और उससे निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। इस घटना के बाद यात्रियों के लिए यह समझना जरूरी हो गया है कि फ्लाइट में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाते समय बैटरी की स्थिति और एयरलाइन के सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है।











