दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच जारी है। इसी बीच सह-पायलट के अतीत को लेकर कई दावे सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी सह-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में हुई है और उसके सीरिया में रहने की बात कही जा रही है।
Flydubai Flight FZ1073 Attack: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच आगे बढ़ने के साथ सह-पायलट के पुराने रिकॉर्ड को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। 30 सितंबर 2026 को हुई इस घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया था। विमान में 174 लोग सवार थे और बाद में इसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में सह-पायलट की पहचान ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में की गई है। उसके पुराने विमानन रिकॉर्ड, सीरिया में बिताए समय और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है और उसके कथित वैचारिक संबंधों को हमले का अंतिम मकसद मानना जल्दबाजी होगी।
सह-पायलट के पुराने रिकॉर्ड पर क्यों उठे सवाल?
रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी पहले ओमान एयर के साथ काम कर चुका था और 2024 में उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता सामने आई थी। उसे फ्लाइट ट्रेनिंग से हटाए जाने की भी रिपोर्ट है। बाद में उसने अन्य विमानन कंपनियों के साथ काम किया और आखिरकार फ्लाईदुबई से जुड़ा।
इसी वजह से जांच का एक अहम सवाल यह है कि अगर उसके पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंताएं दर्ज थीं, तो बाद में अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान में उसे पायलट के रूप में काम करने की अनुमति कैसे मिली। जांच एजेंसियां उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को खंगाल रही हैं।
सीरिया कनेक्शन और चरमपंथी विचारों की जांच
सह-पायलट के सीरिया में रहने और वहां कुछ लोगों के संपर्क में आने की खबरों ने भी जांच का दायरा बढ़ाया है। कुछ रिपोर्टों में उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारों से प्रभावित होने का दावा किया गया है। इजरायली अधिकारियों ने भी उसके संभावित वैचारिक कट्टरपंथ की जांच की बात कही है।हालांकि, किसी व्यक्ति के किसी देश में रहने, किसी संगठन या विचारधारा से जुड़ी सामग्री रखने या कथित वैचारिक संपर्क होने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि उसका विमान पर हमला करने का मकसद वही था। इसके लिए जांच एजेंसियों को ठोस और सत्यापित सबूत जुटाने होंगे।

फ्लाइट में क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइट डेटा के मुताबिक विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे।
इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित रहे।
क्या विमान को जानबूझकर गिराने की कोशिश हुई?
घटना की जांच का सबसे गंभीर पहलू यह है कि क्या सह-पायलट का उद्देश्य विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना था। इजरायली अधिकारियों ने इसे संभावित रूप से जानबूझकर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा है। हालांकि, घटना का अंतिम मकसद और हमले की पूरी योजना जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फ्लाईदुबई घटना के बाद सह-पायलट की पृष्ठभूमि, उसकी नियुक्ति से पहले हुई सुरक्षा जांच और पुराने विमानन रिकॉर्ड की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि अलग-अलग देशों और विमानन कंपनियों के पास उपलब्ध सुरक्षा संबंधी जानकारी आपस में साझा हुई थी या नहीं।











