ब्रिटेन की फ्रांसेस्का जोन्स ने रोमांचक फाइनल में फ्रांस की फियोना फेरो को हराकर लगातार दूसरी बार पालेर्मो लेडीज़ ओपन चैलेंजर खिताब जीत लिया। यह लगातार दूसरा चैलेंजर खिताब और उनके करियर की चौथी चैलेंजर ट्रॉफी है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ब्रिटेन की उभरती टेनिस खिलाड़ी फ्रांसेस्का जोन्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पालेर्मो लेडीज़ ओपन चैलेंजर का खिताब लगातार दूसरे वर्ष जीत लिया। शीर्ष वरीयता प्राप्त जोन्स ने फ्रांस की सातवीं वरीय खिलाड़ी फियोना फेरो को तीन सेटों तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में 6-0, 4-6, 7-6 (8-6) से हराया। लगभग दो घंटे 43 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन निर्णायक टाईब्रेक में जोन्स ने धैर्य और मानसिक मजबूती दिखाते हुए जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ फ्रांसेस्का जोन्स ने लगातार दो सप्ताह में दूसरा चैलेंजर खिताब अपने नाम किया। इससे पहले उन्होंने एटीवी रोम ओपन जीतकर शानदार फॉर्म का संकेत दिया था। अब उनकी इस सफलता ने उन्हें महिला टेनिस संघ (WTA) रैंकिंग में भी आगे बढ़ने का मौका दिया है।
पहले सेट में पूरी तरह हावी रहीं जोन्स
फाइनल मुकाबले की शुरुआत फ्रांसेस्का जोन्स के लिए बेहद शानदार रही। उन्होंने पहले ही सेट में आक्रामक खेल दिखाते हुए फियोना फेरो को कोई मौका नहीं दिया। जोन्स ने केवल 21 मिनट में पहला सेट 6-0 से जीत लिया। उनकी सटीक सर्विस, तेज ग्राउंडस्ट्रोक और कोर्ट कवरेज ने फेरो को लगातार दबाव में रखा। पहले सेट में फेरो एक भी गेम जीतने में सफल नहीं हो सकीं। यह प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में जोन्स की शानदार लय का प्रतीक था। उन्होंने पूरे प्रतियोगिता के दौरान केवल एक सेट गंवाया और फाइनल तक आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया।
दूसरे सेट में फेरो की दमदार वापसी
पहला सेट गंवाने के बाद फियोना फेरो ने शानदार वापसी की। उन्होंने दूसरे सेट की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और जल्दी ही 3-0 की बढ़त बना ली। हालांकि जोन्स ने लगातार चार गेम जीतकर स्कोर 4-3 कर दिया और ऐसा लगा कि वह सीधे मुकाबला समाप्त कर देंगी। लेकिन फेरो ने हार नहीं मानी और लगातार तीन गेम जीतकर दूसरा सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। इस सेट में फेरो ने अपनी रणनीति बदली और लंबी रैलियों के जरिए जोन्स पर दबाव बनाया, जिसका उन्हें फायदा भी मिला।
टाईब्रेक में तय हुआ विजेता
निर्णायक तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों ने अपनी सर्विस गेम मजबूत रखी और मुकाबला टाईब्रेक तक पहुंच गया। टाईब्रेक में भी रोमांच चरम पर रहा। फियोना फेरो के पास 6-5 पर मैच प्वाइंट था, लेकिन वह इस अवसर का फायदा नहीं उठा सकीं। इसके बाद फ्रांसेस्का जोन्स ने लगातार अंक जीतकर 8-6 से टाईब्रेक और मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत जोन्स की मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन की क्षमता को दर्शाती है।

लगातार दूसरा पालेर्मो खिताब
फ्रांसेस्का जोन्स ने वर्ष 2025 में भी पालेर्मो लेडीज़ ओपन का खिताब जीता था। उस समय उन्होंने फाइनल में नीदरलैंड्स की अनौक कोवेरमांस को हराया था। अब लगातार दूसरे वर्ष यह ट्रॉफी जीतकर उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत कायम रखी है। किसी भी खिलाड़ी के लिए किसी खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करना आसान नहीं होता, लेकिन जोन्स ने लगातार दूसरे साल यह उपलब्धि हासिल कर अपनी निरंतरता साबित की।
लगातार दूसरी चैलेंजर ट्रॉफी
पालेर्मो लेडीज़ ओपन जीतने से पहले फ्रांसेस्का जोन्स ने एटीवी रोम ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। लगातार दो सप्ताह में दो चैलेंजर खिताब जीतना उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह उनके करियर का चौथा चैलेंजर खिताब भी है। इन सफलताओं ने यह संकेत दिया है कि वह अब बड़े स्तर के टूर्नामेंटों में भी मजबूत चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं।
WTA रैंकिंग में मिलेगा फायदा
इस जीत का सीधा असर उनकी विश्व रैंकिंग पर भी पड़ेगा। ब्रैडफोर्ड में जन्मी 25 वर्षीय फ्रांसेस्का जोन्स सोमवार को जारी होने वाली नई WTA रैंकिंग में 113वें स्थान से बढ़कर 110वें स्थान पर पहुंच जाएंगी। हालांकि यह केवल तीन स्थानों की छलांग है, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उनके लिए आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
जीत के बाद क्या बोलीं फ्रांसेस्का जोन्स
खिताब जीतने के बाद फ्रांसेस्का जोन्स ने अपनी प्रतिद्वंद्वी फियोना फेरो की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरा प्रयास किया और मुकाबला आखिर तक बेहद करीबी बना रहा। उनके अनुसार यह फाइनल दोनों खिलाड़ियों के उच्च स्तर के खेल का बेहतरीन उदाहरण था। जोन्स ने यह भी कहा कि लगातार दो टूर्नामेंट जीतना उनके लिए बेहद खास उपलब्धि है और इससे उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए नया आत्मविश्वास मिला है।
आगे की चुनौतियां
लगातार दो खिताब जीतने के बाद अब फ्रांसेस्का जोन्स की नजर बड़े WTA टूर्नामेंटों पर होगी। यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती हैं तो आने वाले महीनों में शीर्ष-100 रैंकिंग में जगह बनाने की उनकी संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी फिटनेस, मानसिक मजबूती और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को देखते हुए वह भविष्य में ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल कर सकती हैं।










