वाराणसी में संत समाज की बुलडोजर के साथ पदयात्रा, गौ हत्या निषेध कानून और केंद्रीय गो मंत्रालय की मांग

वाराणसी में संत समाज ने बुलडोजर के साथ पदयात्रा निकालकर गौ हत्या निषेध कानून, केंद्रीय गो मंत्रालय और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने सहित 30 मांगेंउठाईं।

वाराणसी में संत समाज ने गौ सम्मान आवाह्न अभियान के तहत बुलडोजर के साथ पदयात्रा निकाली। इस दौरान गौ हत्या निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना समेत 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।

वाराणसी: गो सम्मान आवाह्न अभियान के तहत वाराणसी में संत समाज ने गौ संरक्षण से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर पदयात्रा निकाली। शिवपुर की पुरानी चुंगी से जिला मुख्यालय तक निकाली गई इस यात्रा में संत, बटुक और बड़ी संख्या में गोभक्त शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान गौ हत्या निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और केंद्रीय गो मंत्रालय के गठन सहित 30 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।

बुलडोजर के साथ निकाली गई पदयात्रा

वाराणसी में आयोजित इस पदयात्रा की शुरुआत शिवपुर स्थित पुरानी चुंगी से हुई। संत समाज भजन-कीर्तन करते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंचा। यात्रा के दौरान एक बुलडोजर पर बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। संतों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौ संरक्षण के मुद्दे पर समाज और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

पदयात्रा में विभिन्न धार्मिक संगठनों के संतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गोभक्त भी शामिल हुए। पूरे मार्ग में गौ संरक्षण से जुड़े संदेश दिए गए और लोगों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की गई।

30 सूत्रीय मांगों का सौंपा गया ज्ञापन

संत समाज ने बताया कि जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में गौ हत्या निषेध के लिए केंद्रीय स्तर पर कानून बनाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना सहित 30 सूत्रीय मांगें शामिल हैं।

आयोजकों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य देशभर में गौ संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करना और इस विषय पर व्यापक नीति तैयार करना है।

गौ संरक्षण को लेकर रखे विचार

पदयात्रा के दौरान संतों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने गौ संरक्षण को सामाजिक और सांस्कृतिक दायित्व बताते हुए कहा कि इसके लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने चाहिए।

संतों ने लोगों से गौ संरक्षण के प्रति जागरूक होने और इस विषय पर सकारात्मक भागीदारी निभाने की अपील भी की। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन के माध्यम से भी गौ संरक्षण का संदेश दिया गया।

आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरण अभियान और आंदोलन जारी रहेंगे। उनका कहना था कि गौ संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।

हालांकि, इन मांगों पर केंद्र या संबंधित सरकारों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई पदयात्रा

पदयात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस आयोजन के माध्यम से संत समाज ने गौ संरक्षण से जुड़े अपने प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखे और संबंधित विषयों पर नीति स्तर पर विचार किए जाने की मांग दोहराई।

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