केंद्र सरकार गरीब और जरूरतमंद छात्रों के लिए Free JEE-NEET Coaching Program शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसका ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है और तीन मंत्रालय मिलकर योजना को लागू करेंगे।
New Delhi: केंद्र सरकार छात्रों के लिए फ्री कोचिंग नेटवर्क तैयार करने पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की घोषणा की थी। प्रस्तावित Free JEE-NEET Coaching Program में पहले JEE और NEET जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को शामिल किया जाएगा और कमजोर इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
सरकार फ्री JEE-NEET कोचिंग प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी में
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्रता दिवस घोषणा के बाद छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। योजना का शुरुआती फोकस JEE और NEET जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने पर रहेगा। इसके लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसे संबंधित मंत्रालयों के साथ साझा किया गया है।

सरकार की कोशिश है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर न रहना पड़े। खासकर उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने की योजना है, जिन्हें अपने क्षेत्र में बेहतर कोचिंग या शैक्षणिक संसाधन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते।
गांधी जयंती से शुरू होने की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं से जुड़ी प्रधानमंत्री की कुछ घोषणाओं को जल्द लागू करने की तैयारी है। इनमें फ्री कोचिंग पहल भी शामिल है, जिसके 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के आसपास शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, कार्यक्रम की अंतिम तारीख, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। योजना का पूरा स्वरूप संबंधित मंत्रालयों के बीच समन्वय और अंतिम मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा।
तीन मंत्रालय मिलकर तैयार करेंगे सिस्टम
फ्री कोचिंग नेटवर्क को विकसित करने में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की भूमिका रहेगी। टेक्नोलॉजी और AI आधारित प्लेटफॉर्म तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित तकनीकी मंत्रालयों की होगी, जबकि शिक्षा मंत्रालय शैक्षणिक सामग्री और संस्थानों से जुड़े संसाधनों को उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी अध्ययन सामग्री और सीखने के संसाधन मिल सकें।
इंटरनेट नहीं होने पर भी मिलेगी मदद
सरकार की प्रस्तावित योजना केवल ऑनलाइन क्लास तक सीमित नहीं रहेगी। कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में छात्रों तक पहुंच बनाने के लिए ऑफलाइन और कंप्यूटर आधारित सुविधाओं को भी शामिल करने की योजना है।
इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी JEE और NEET की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन मिल सकेंगे। सरकार आगे चलकर इस नेटवर्क का विस्तार अन्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं तक भी कर सकती है।
निजी कोचिंग के खर्च को कम करने पर फोकस
महंगी कोचिंग फीस प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक स्थिति के कारण गुणवत्तापूर्ण तैयारी से वंचित विद्यार्थियों और बेहतर कोचिंग सुविधा पाने वाले छात्रों के बीच अंतर को कम करना है।
अगर योजना तय समय के अनुसार लागू होती है, तो JEE और NEET की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, छात्रों को कार्यक्रम की पात्रता, रजिस्ट्रेशन और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।












