प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और साझेदार देशों के नेता वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
फ्रांस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, मंगलवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 (G7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उसके प्रभावशाली योगदान के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे, जिनमें कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नेताओं के साथ वार्ता प्रमुख है।
इस वर्ष जी7 शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय "नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण" रखा गया है। सम्मेलन में जी7 सदस्य देशों के अलावा कई साझेदार राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक चुनौतियां चर्चा के प्रमुख विषय हैं।
जी7 में भारत की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण?
भारत इस बार जी7 शिखर सम्मेलन में अपनी 13वीं भागीदारी दर्ज कर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सातवीं बार इस मंच पर शामिल हो रहे हैं। हालांकि भारत जी7 का औपचारिक सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने और वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज के रूप में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता, डिजिटल परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण जैसे मुद्दों पर भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरा है। यही कारण है कि जी7 देशों के साथ भारत का रणनीतिक और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
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आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर रहेगा फोकस
हाल के वर्षों में भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत और यूरोपीय साझेदारों के बीच मुक्त व्यापार, डिजिटल नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने के प्रयास जारी हैं। फ्रांस में आयोजित विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों में भारत की सक्रिय भागीदारी और उभरती तकनीकों में साझेदारी इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष भविष्य की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में मिलकर काम करना चाहते हैं।
जी7 सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। उनकी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, शिक्षा और क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये वार्ताएं भारत के प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज में भी शामिल होंगे, जहां विभिन्न देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक संवाद का अवसर मिलेगा।









