गायिका Asha Bhosle ने अपनी आखिरी इच्छा में कहा- ‘गाते-गाते मेरा दम निकले’, जानें भावुक बयान के पीछे की कहानी

दिग्गज गायिका Asha Bhosle ने कहा था—‘गाते-गाते मेरा दम निकले’। जानें उनके इस भावुक बयान के पीछे की कहानी और संगीत से उनका गहरा रिश्ता। Asha Bhosle की आखिरी

फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के साथ पूरा देश लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले के निधन से आहत है। उनका 92 साल की उम्र में मल्टिपल ऑर्गन फेलियर से निधन हो गया। उन्हें 11 अप्रैल की रात गंभीर हालत में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह डॉक्टरों की निगरानी में थीं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका Asha Bhosle के निधन से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। 92 वर्ष की आयु में 12 अप्रैल 2026 को उनका निधन मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उन्हें एक दिन पहले मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।

शुरुआती खबरों में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में परिवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें छाती में संक्रमण था, जो धीरे-धीरे गंभीर होता गया। अंततः उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

आखिरी इच्छा जो अधूरी रह गई

आशा भोसले ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी संगीत के प्रति अपने प्रेम को कभी कम नहीं होने दिया। एक वर्ष पहले एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने अपनी एक भावुक अंतिम इच्छा साझा की थी। उन्होंने कहा था कि वह चाहती हैं कि उनका जीवन उसी काम को करते हुए समाप्त हो, जिसे उन्होंने पूरी शिद्दत से जिया—गायन।

उन्होंने कहा था, “मेरी इच्छा है कि मैं गाते-गाते इस दुनिया से जाऊं। गाना ही मेरी जिंदगी है। बचपन से ही मैंने इसे जिया है और पूरी जिंदगी इसी में बीत गई। यह इच्छा अब उनके निधन के साथ अधूरी रह गई, लेकिन उनके शब्द उनके संगीत प्रेम और समर्पण को हमेशा के लिए अमर कर गए हैं।

8 दशकों का शानदार करियर

आशा भोसले का करियर 80 से अधिक वर्षों तक फैला रहा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और विभिन्न भाषाओं में गायन कर वैश्विक पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हर शैली—क्लासिकल, पॉप, ग़ज़ल, फिल्मी गीत—में महारत दिलाई। 90 वर्ष की आयु में भी उन्होंने लाइव स्टेज पर परफॉर्म किया था, जो उनके अदम्य उत्साह और समर्पण का प्रमाण है। भले ही उन्होंने हाल के वर्षों में बॉलीवुड से दूरी बना ली थी, लेकिन संगीत से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटा।

आशा भोसले को आखिरी बार 5 मार्च 2026 को मुंबई में एक निजी समारोह में देखा गया था, जहां वह क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर की शादी में शामिल हुई थीं। इस दौरान भी उनकी उपस्थिति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोक

उनके निधन पर भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। फिल्म और संगीत जगत के अनेक कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। आशा भोसले की आवाज ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है और उनका संगीत आज भी दुनियाभर में सुना जाता है। उनके जाने से भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया है।

उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे किया जाएगा। इससे पहले, उनके निवास पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आम जनता और प्रशंसकों को अंतिम दर्शन का अवसर दिया जाएगा।

Leave a comment