‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आरएसएस नेता सुनील आंबेकर ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सभी आवाजों और भावनाओं को समायोजित करने की क्षमता है और देश के ‘जेन-ज़ी’ (Gen-Z) युवाओं में राष्ट्र के प्रति भरोसा बना हुआ है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने हाल ही में Gen-Z और भारतीय लोकतंत्र को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और नए विचारों को लेकर बहस तेज है। RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख Sunil Ambekar ने कहा कि भारत का Gen-Z अत्यंत आशावादी है और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उसका गहरा विश्वास है।
Gen-Z पर RSS का दृष्टिकोण
आंबेकर ने कहा कि 1997 से 2012 के बीच जन्मी युवा पीढ़ी, जिसे Gen-Z कहा जाता है, देश के संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर अपनी बात रखती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेती है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र विभिन्न विचारों और मतों को समाहित करने की क्षमता रखता है, और इसे कमजोरी नहीं बल्कि इसकी ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए।
आंबेकर के अनुसार, “लोकतंत्र में मुद्दों को सुलझाने के अपने तरीके होते हैं” और किसी भी नए विचार या आंदोलन को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
RSS नेता ने कहा कि भारत में पारदर्शी चुनाव प्रणाली, सक्रिय मीडिया और मजबूत संस्थागत ढांचा मौजूद है, जो विभिन्न आवाजों को जगह देता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था और मीडिया संस्थान इतने सक्षम हैं कि वे किसी भी नई राजनीतिक या सामाजिक बहस को संभाल सकते हैं।
“कॉकरोच जनता पार्टी” पर प्रतिक्रिया
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यह बयान उस संदर्भ में आया जब उनसे कथित तौर पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक राजनीतिक चर्चा या सोशल मीडिया ट्रेंड से जुड़े सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने सीधे किसी संगठन पर टिप्पणी करने के बजाय लोकतंत्र की व्यापक संरचना पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी तरह की चर्चा या नए राजनीतिक विचार को आश्चर्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
आंबेकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और इसमें हर नागरिक की आवाज को शामिल करने की क्षमता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता की शक्ति और संस्थागत ढांचा देश को स्थिर बनाए रखते हैं। उनके अनुसार, लोगों को लोकतंत्र पर भरोसा रखना चाहिए क्योंकि यह प्रणाली विभिन्न विचारों को स्वीकार करने और उन्हें संतुलित करने में सक्षम है।
भारत-पाकिस्तान संवाद पर भी टिप्पणी
इसी बातचीत के दौरान RSS के सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale के पाकिस्तान के साथ बातचीत से जुड़े बयान पर भी चर्चा हुई। इस पर आंबेकर ने कहा कि संगठन का मानना है कि संवाद से समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि यदि आधिकारिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ रही है, तो लोगों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक और राजनीतिक निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर संवाद बनाए रखना उपयोगी हो सकता है। आंबेकर ने यह भी दोहराया कि RSS हमेशा से भारत के विभाजन का विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का मानना है कि यदि उस समय संगठन अधिक मजबूत होता, तो विभाजन की स्थिति शायद टाली जा सकती थी।
RSS के इस बयान का मुख्य संदेश यह रहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर भरोसा रखती है और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।









