घर में देवी-देवताओं की तस्वीरों को लेकर सावधानियां: जाने कौन-सी मूर्तियां हैं अशुभ और क्यों

घर में देवी-देवताओं की तस्वीरों को लेकर सावधानियां: जाने कौन-सी मूर्तियां हैं अशुभ और क्यों

घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ चित्र और मूर्तियां अशुभ प्रभाव डाल सकती हैं। भैरव, तांडव मुद्रा वाले नटराज, उग्र रूप वाली काली और खंडित प्रतिमियों को घर में रखने से मानसिक तनाव, कलह और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर की दिशा, मूर्ति की मुद्रा और सही स्थान का ध्यान रखना जरूरी है।

Vastu for home God idols: घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां लगाने का धार्मिक और वास्तु दृष्टि से महत्व है। विशेषज्ञों के अनुसार, भैरव और तांडव मुद्रा वाले नटराज की मूर्तियां, उग्र रूप वाली काली तथा खंडित प्रतिमियां घर में रखने से अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए घर के मंदिर में मूर्तियों की दिशा, मुद्रा और सही स्थान का ध्यान रखना चाहिए, ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और परिवार में सुख-शांति बनी रहे।

सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना जरूरी

घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां रखना हिंदू धर्म में पारंपरिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ये केवल पूजा का साधन नहीं हैं, बल्कि घर में सुख, समृद्धि और शांति लाने का भी माध्यम मानी जाती हैं। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विद्या के अनुसार, हर तस्वीर सकारात्मक ऊर्जा नहीं लाती। कुछ मूर्तियां और चित्र घर में रखने से उल्टा असर डाल सकते हैं, जैसे मानसिक तनाव, कलह या आर्थिक तंगी। इसलिए यह जरूरी है कि घर में देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों का चुनाव सावधानी से किया जाए।

कौन-सी मूर्तियां घर में रखना अशुभ माना जाता है

  • भगवान भैरव और नटराज की मूर्ति: भगवान शिव के रौद्र रूप, अर्थात भैरव महाराज, तंत्र और तांडव से जुड़े होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, उनकी साधना घर के बाहर करना ही उचित माना गया है। इसलिए भैरव की तस्वीर या मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए। इसी तरह, नटराज की मूर्ति में भगवान शिव तांडव मुद्रा में होते हैं, जो विनाश का प्रतीक मानी जाती है। इसे घर में रखने से अशांति और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
  • शनि देव की प्रतिमा: शनि देव न्याय और कर्म के देवता माने जाते हैं, लेकिन उनकी दृष्टि को अत्यंत प्रभावशाली और उग्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव की मूर्ति या तस्वीर घर में रखने से परिवार के सदस्यों पर भारी प्रभाव पड़ सकता है। अगर आप उनकी पूजा करना चाहते हैं, तो इसे मंदिर में जाकर करना सर्वोत्तम है।
  • मां काली का उग्र रूप: मां काली शक्ति और संहार का प्रतीक हैं। हालांकि, घर में उनकी ऐसी तस्वीर जिसमें वे राक्षसों का संहार कर रही हों या उनका रूप अत्यंत विकराल दिखता हो, रखना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा और क्रोध बढ़ सकता है। इसके बजाय घर में मां लक्ष्मी या मां दुर्गा की सौम्य और आशीर्वाद देने वाली तस्वीरें रखना श्रेष्ठ माना जाता है।
  • खंडित या टूटी हुई मूर्तियां: वास्तु शास्त्र में सबसे बड़ा दोष खंडित मूर्तियों या तस्वीरों में माना गया है। अगर किसी मूर्ति या चित्र का कोई हिस्सा टूट गया हो, तो उसे तुरंत घर से हटा देना चाहिए। खंडित मूर्तियां दुर्भाग्य और नकारात्मक प्रभाव का कारण बन सकती हैं और घर की बरकत रोक सकती हैं।

युद्ध या क्रोध मुद्रा वाली तस्वीरें

किसी भी देवता की ऐसी तस्वीर जिसमें वे युद्ध कर रहे हों या क्रोध में हों, घर में तनावपूर्ण माहौल बना सकती है। उदाहरण के लिए, महाभारत या किसी युद्ध से संबंधित चित्र घर की शांति में बाधा डाल सकते हैं।

घर में मूर्तियों और तस्वीरों के लिए वास्तु टिप्स

  • पीठ न दिखे: भगवान की मूर्ति या तस्वीर इस तरह न रखें कि उनकी पीठ दिखाई दे। यह अशुभ माना जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है।
  • आमने-सामने न हों: एक ही देवता की दो तस्वीरें या मूर्तियां आमने-सामने न रखें। यह वास्तु दोष के रूप में माना जाता है और घर में कलह का कारण बन सकता है।
  • मंदिर की दिशा: घर का मंदिर हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए उत्तम मानी गई है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावधानी क्यों जरूरी है

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह घर के वातावरण और ऊर्जा पर भी प्रभाव डालती है। सही मूर्तियां और तस्वीरें घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाए रखती हैं। वहीं, अशुभ चित्र या मूर्तियां रखने से मानसिक तनाव, कलह और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, घर में पूजा का स्थान, मूर्तियों का आकार, दिशा और मुद्रा जैसी चीजें बहुत महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, मां लक्ष्मी की तस्वीर हमेशा आशीर्वाद देती मुद्रा में होनी चाहिए, जबकि उग्र रूप वाली तस्वीरों से बचना चाहिए। इससे न केवल वास्तु दोष कम होता है बल्कि घर में समृद्धि और खुशहाली भी बनी रहती है।

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