घर में नया पेंट करवाने के बाद उत्पन्न होने वाली खांसी, घुटन और गले में खराश मुख्य रूप से वोलटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) के कारण होती है। ये केमिकल हवा में घुलकर सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। सही वेंटिलेशन, लो-वीओसी पेंट और मास्क का इस्तेमाल करके इन स्वास्थ्य खतरों से बचा जा सकता है।
Paint Fumes Health Effects: नया पेंट लगाने के बाद घर में खांसी और सांस लेने में कठिनाई आम समस्या बन सकती है। यह मुख्य रूप से वोलटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) के कारण होता है, जो पेंट, वार्निश और थिनर में पाए जाते हैं और हवा में घुलकर शरीर में प्रवेश करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब वेंटिलेशन और नमी वाले वातावरण में यह लक्षण बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों में। सावधानी के तौर पर लो-वीओसी पेंट का इस्तेमाल, मास्क पहनना और कमरे को खुला रखना जरूरी है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव कम हो।
पेंट फ्यूम्स से होने वाली आम दिक्कतें
डॉ. आकाश शाह के अनुसार, VOCs ब्रॉन्कियल ट्यूब्स में सूजन और म्यूकस उत्पादन बढ़ा सकते हैं। इससे एयरवे संकरी हो जाती है और लगातार सूखी खांसी, घरघराहट और हल्की सांस फूलना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सामान्य वयस्कों में ये लक्षण कुछ दिनों में कम हो सकते हैं, लेकिन बार-बार एक्सपोजर होने पर एयरवे संवेदनशील हो जाते हैं और लंबे समय में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, अगर पेंटिंग के 3-4 हफ्ते बाद भी खांसी या सांस फूलना बना रहे, तो लंग फंक्शन टेस्ट करवाना जरूरी है। खराब वेंटिलेशन या नमी वाले मौसम में पेंट के केमिकल घर में फंस जाते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

बचाव के आसान उपाय
लो-वीओसी या नो-वीओसी पेंट का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका है। पेंटिंग के दौरान मास्क पहनें और कम से कम 48 से 72 घंटे तक कमरे को खुला रखें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान अन्य कमरे में रखना चाहिए। क्रॉस-वेंटिलेशन के लिए कई खिड़कियां खोलें ताकि VOCs जल्दी बाहर निकल जाएं।
गृह सजावट के साथ-साथ स्वास्थ्य की सुरक्षा जरूरी है। सही पेंट चुनना, मास्क पहनना और कमरे को पर्याप्त समय तक हवादार रखना पेंट फ्यूम्स के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करता है।













