झारखंड के गिरिडीह क्षेत्र के मधुबन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर सोते समय दंपती पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। पति की मौके पर और पत्नी की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर एक दंपती की धारदार हथियार से हत्या कर दी। यह घटना मधुबन थाना क्षेत्र के दलान चलकरी गांव की है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैला दिया है।
इस हमले में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान पतिया हांसदा (45) और उनकी पत्नी परनी मरांडी (35) के रूप में हुई है। दोनों अपने चार बच्चों के साथ गांव में रहते थे और मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे।
घटना के समय परिवार के चार बच्चों में से तीन घर की छत पर सो रहे थे, जबकि एक बच्चा अपने माता-पिता के साथ नीचे कमरे में मौजूद था। सौभाग्य से बच्चा इस हमले में सुरक्षित बच गया।
रात के अंधेरे में घर में घुसे हमलावर
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात करीब 12:30 बजे हुई, जब दंपती अपने घर में सो रहे थे। तभी अचानक कुछ अज्ञात हमलावर घर में घुस आए।
हमलावरों ने धारदार हथियार से दोनों पर ताबड़तोड़ वार किया। हमले की आवाज सुनकर बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे, जिससे आसपास के लोग सतर्क हो गए और मौके पर पहुंचे।
जब तक ग्रामीण वहां पहुंचे, तब तक घर का दृश्य बेहद भयावह हो चुका था। पति-पत्नी खून से लथपथ हालत में पड़े थे।
पति की मौके पर मौत, पत्नी ने अस्पताल में तोड़ा दम
ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी।
स्थानीय लोगों ने घायल परनी मरांडी को करीब 700 मीटर तक खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल ले जाया गया।
चिकित्सकों ने पतिया हांसदा को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल परनी मरांडी को बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
सड़क सुविधा की कमी बनी बड़ी बाधा
इस घटना में एक बड़ा पहलू गांव की बुनियादी सुविधाओं की कमी भी रहा। परिजनों के अनुसार, गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई।
इस वजह से ग्रामीणों को घायल महिला को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बच्चों की चीख से खुला मामला
परिवार के अनुसार, हमले के दौरान बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दोनों पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हैं।
इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए।

पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही डुमरी एसडीपीओ आबिद खान, मधुबन थाना प्रभारी दीपेश कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम भी गठित की है।
हत्या के पीछे कारण अब भी अस्पष्ट
प्रारंभिक जांच में पुलिस को कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है। परिजनों के अनुसार, मृतक पतिया हांसदा एक मजदूर थे और उनकी किसी से कोई ज्ञात दुश्मनी नहीं थी।
इस वजह से हत्या के पीछे का मकसद अब तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस सभी संभावित एंगल—जमीनी विवाद, व्यक्तिगत रंजिश और अन्य कारणों—की जांच कर रही है।
तकनीकी जांच और अपराधियों की तलाश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच में तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया है। मोबाइल डेटा, स्थानीय सूचना और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
एसडीपीओ आबिद खान ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव में दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे दलान चलकरी गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना ने गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के सामने चुनौती
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और आपातकालीन सेवाओं की कमजोर स्थिति को भी उजागर करती है।
सड़क सुविधा की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की देरी ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया, जिससे एक घायल महिला की जान नहीं बचाई जा सकी।












