कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने उन पर धार्मिक प्रतीक वाले दुपट्टों का अपमान करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इंदौर: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक वायरल वीडियो को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर एक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक प्रतीक अंकित दुपट्टों को नीचे फेंकने का आरोप लगा है। वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे सनातन आस्था और किसानों के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है।
किसान कार्यक्रम के दौरान सामने आया वीडियो
मंगलवार को इंदौर से मंदसौर जाते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari कुछ समय के लिए उन्हेल क्षेत्र में आयोजित किसान कांग्रेस के एक सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में एक किसान उन्हें श्री राधा-कृष्ण अंकित दुपट्टा भेंट करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि पटवारी के हाथ में पहले से कुछ दुपट्टे मौजूद हैं। इसी दौरान उनके द्वारा दुपट्टों को नीचे रखने या फेंकने जैसी गतिविधि दिखाई देती है, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
बीजेपी ने लगाया धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक गुप्ता ने आरोप लगाया कि धार्मिक प्रतीकों वाले दुपट्टों को नीचे फेंककर जीतू पटवारी ने सनातन आस्था और किसानों का अपमान किया है।
बीजेपी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को धार्मिक प्रतीकों और लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। पार्टी ने इस घटना को लेकर पटवारी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं और इसे अनुचित बताया है।
मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में मुख्यमंत्री Mohan Yadav और जीतू पटवारी के बीच राजनीतिक बयानबाजी चर्चा में रही है। वायरल वीडियो में पटवारी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणियों के बाद अब यह नया विवाद सामने आया है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो का पूरा संदर्भ क्या था और दुपट्टों को नीचे रखने की परिस्थितियां क्या थीं।
चूंकि मामला एक वायरल वीडियो और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ा है, इसलिए इसकी व्याख्या विभिन्न पक्षों द्वारा अलग-अलग तरीके से की जा रही है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया आने के बाद ही इस मुद्दे पर पार्टी का आधिकारिक पक्ष सामने आ सकेगा।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी इसे आस्था और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है, खासकर यदि दोनों दल इस मुद्दे पर आमने-सामने आते हैं।











