गोवा के स्थापना दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेशों में गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास यात्रा की सराहना की।
नई दिल्ली: गोवा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्य के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए गोवा की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय प्रगति में उसके योगदान की सराहना की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गोवा अब केवल एक विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और नवाचार का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
30 मई 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने वाला गोवा आज भारत के सबसे गतिशील और प्रगतिशील राज्यों में गिना जाता है। पिछले कुछ दशकों में राज्य ने आर्थिक विकास, मानव संसाधन, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
राष्ट्रपति ने विकास और नवाचार की सराहना की
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि गोवा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, बहुलतावादी समाज और मेहमाननवाजी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य ने शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सतत विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर गोवा आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राज्य के लोगों के लिए समृद्धि, स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा की वैश्विक पहचान को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गोवा राज्य स्थापना दिवस पर नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की जीवंत संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और यहां के मिलनसार लोग इसकी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि गोवा ने समय के साथ स्वयं को केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि कई नए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
प्रधानमंत्री ने उन सभी नागरिकों, उद्यमियों, शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य की प्रगति और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि गोवा आने वाले वर्षों में भी विकास, नवाचार और आर्थिक अवसरों के नए आयाम स्थापित करता रहेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यटन के साथ उभर रहा नया आर्थिक मॉडल
गोवा लंबे समय से अपने खूबसूरत समुद्र तटों, ऐतिहासिक चर्चों, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा है। हर वर्ष लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटक यहां आते हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण समर्थन मिलता है। हालांकि हाल के वर्षों में गोवा ने अपनी आर्थिक संरचना को अधिक विविध बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया है। सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप सेक्टर में निवेश बढ़ने से राज्य नए आर्थिक अवसरों का केंद्र बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च जीवन गुणवत्ता, बेहतर बुनियादी ढांचा और वैश्विक संपर्क गोवा को युवा उद्यमियों और नवाचार-आधारित कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। गोवा की विकास रणनीति में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। राज्य सरकार समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई पहल कर रही है।
इसके साथ ही युवाओं को उद्यमिता, कौशल विकास और स्टार्टअप कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य की अर्थव्यवस्था में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
राज्य गठन से आधुनिक विकास तक का सफर
1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद गोवा ने सामाजिक और आर्थिक विकास के कई मानक स्थापित किए हैं। आज यह भारत के उन राज्यों में शामिल है जहां मानव विकास सूचकांक, शिक्षा स्तर और जीवन गुणवत्ता अपेक्षाकृत उच्च मानी जाती है। राज्य स्थापना दिवस केवल गोवा के ऐतिहासिक सफर का उत्सव नहीं है, बल्कि उसके भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक है। पर्यटन, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार के संगम के रूप में गोवा भारत की उभरती विकास कहानी में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनकर सामने आ रहा है।










