LIVE: यूपी के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट आंधी-तूफान से 31 लोगों की मौत 500 तोतों की भी गई जान, पारा 10°C तक गिरा

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। तेज तूफान और खराब मौसम के कारण 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
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उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। भीषण गर्मी और नौतपा की तपिश के बीच आई तेज आंधी, बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और जिलों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आए आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग जिलों से मिली रिपोर्टों के अनुसार पेड़ गिरने, दीवार ढहने, बिजली गिरने और अन्य हादसों में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सबसे ज्यादा असर पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं ने पेड़ों, बिजली के खंभों और टिनशेड को नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं।

मौसम के इस बदलाव का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पक्षियों और वन्यजीवों पर भी पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक तेज आंधी और ओलावृष्टि के दौरान बड़ी संख्या में पक्षी प्रभावित हुए। कुछ क्षेत्रों में करीब 500 तोतों के मरने की सूचना सामने आई है, जिसने पर्यावरण प्रेमियों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जिन जिलों में कुछ दिन पहले तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहां अब पारा 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

कृषि क्षेत्र पर भी मौसम का मिश्रित असर देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और किसानों को राहत मिली है, वहीं तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण आम, लीची और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में न जाएं, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

कई जिलों में स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को भी मौसम संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। जिला प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों की टीमें भी अलर्ट पर हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इससे फिलहाल लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के कारण सतर्क रहने की जरूरत बनी रहेगी।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार मौसम से जुड़ी नई सूचनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

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