Gold Price Forecast 2026–2027: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट; 2027 में आएगी सोने की कीमत में भारी गिरावट

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2027 में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। जानें Gold Price Forecast 2026–2027 का पूरा विश्लेषण।

अगर आप Gold में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो वर्ल्ड बैंक की ताजा कमोडिटी मार्केट आउटलुक रिपोर्ट काफी अहम संकेत देती है। 2026 में सोना महंगा हो सकता है, लेकिन 2027 में इसमें गिरावट का जोखिम भी बना रहेगा।

बिजनेस न्यूज़: सोने में निवेश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक अपडेट सामने आया है। World Bank की ताजा कमोडिटी मार्केट आउटलुक रिपोर्ट ने आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है, जबकि 2027 में इसमें गिरावट की संभावना जताई गई है। यह अनुमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) की बढ़ती मांग पर आधारित है।

2026 में सोना बना सकता है नया रिकॉर्ड

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में सोने की कीमतों में लगभग 37% तक की वृद्धि हो सकती है। इसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि सोने की औसत कीमत 2026 में लगभग 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। भारतीय मुद्रा में यह कीमत लगभग 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठती है, जो निवेशकों के लिए ऐतिहासिक स्तर माना जा सकता है।

क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?

रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

  • भू-राजनीतिक तनाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट में अस्थिरता और अमेरिका-ईरान जैसे मामलों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में अस्थिरता से तेल और कमोडिटी सप्लाई पर भी असर पड़ता है, जिससे निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
  • सुरक्षित निवेश की मांग: जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिर होती है, निवेशक स्टॉक मार्केट से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित एसेट में निवेश करते हैं। यही कारण है कि सोने की मांग तेजी से बढ़ती है।
  • स्पेकुलेटिव निवेश: बाजार में सट्टेबाजी और शॉर्ट टर्म निवेश गतिविधियां भी कीमतों में उतार-चढ़ाव को बढ़ाती हैं।

2027 में गिरावट का अनुमान भी

जहां 2026 को रिकॉर्ड तेजी का साल माना जा रहा है, वहीं 2027 के लिए वर्ल्ड बैंक ने सोने की कीमतों में लगभग 8.5% की गिरावट का अनुमान जताया है।रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में सोने की औसत कीमत लगभग 4,300 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास होगी।

गिरावट के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

वर्ल्ड बैंक के अनुसार, सोने की कीमतों में संभावित गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • ब्याज दरों में बढ़ोतरी: अगर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाती हैं, तो सोना रखने की लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
  • वैश्विक तनाव में कमी: यदि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और राजनीतिक तनाव कम होते हैं, तो सुरक्षित निवेश की मांग घट सकती है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव आएगा।
  • डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने की कीमतों को नीचे ला सकती है, क्योंकि सोना डॉलर में मूल्यांकित होता है।

हाल ही में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर जून वायदा लगभग 4,631 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। वहीं भारत में Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर जून कॉन्ट्रैक्ट लगभग 1,51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

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