गोरखपुर की आमी नदी के नंबर चार घाट पर पीपा पुल का निर्माण शुरू हो गया है। इससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में आसानी होगी और बांसगांव से आसपास के कई गांवों की दूरी भी कम हो जाएगी।
गोरखपुर: आमी नदी के नंबर चार घाट पर पीपा पुल निर्माण कार्य शुरू होने से किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अस्थायी पुल के सहारे नदी पार कर खेतों तक पहुंचने वाले लोगों को अब सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा मिलेगी। पुल बनने से बांसगांव और आसपास के कई गांवों के बीच दूरी भी काफी कम हो जाएगी।
अस्थायी पुल से गुजरने में रहता था खतरा
आमी नदी के नंबर चार घाट पर वर्षों से किसान अस्थायी जुगाड़ पुल के सहारे अपने खेतों तक पहुंचते थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता था।

बरसात और नदी में जलस्तर बढ़ने के समय किसानों की परेशानी और बढ़ जाती थी। ऐसे में लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग की जा रही थी।
जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद मिली मंजूरी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने किसानों की समस्या को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया। इसके बाद करीब दो महीने पहले यहां पीपा पुल निर्माण को मंजूरी दी गई और बजट भी स्वीकृत कर दिया गया।
बजट जारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मौके पर पुल लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
कई गांवों की दूरी होगी कम
पीपा पुल बनने से बांसगांव क्षेत्र के किसानों को कछार इलाके में स्थित खेतों तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिलेगी। साथ ही बेलीपार, बिस्टौली, भरवलिया, कसिहार और हरदिया जैसे गांवों का संपर्क भी बेहतर होगा।
ग्रामीणों के अनुसार पुल तैयार होने के बाद बांसगांव तहसील मुख्यालय तक पहुंचने की दूरी घटकर करीब चार से पांच किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय और परिवहन दोनों की बचत होगी।










