गोरखपुर में शिक्षक का सुसाइड VIDEO में BSA ऑफिस के अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

गोरखपुर में एक शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले बनाए VIDEO ऑफिस के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। कहा– बच्चों और पत्नी के लिए जीना चाहता था
गोरखपुर में शिक्षक का सुसाइड VIDEO में BSA ऑफिस के अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
Photo Credit / Attribution: google

Gorakhpur में एक शिक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय के कुछ अधिकारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

परिजनों के अनुसार, शिक्षक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। वीडियो में उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह अपने बच्चों और पत्नी के लिए जीना चाहते थे, लेकिन लगातार हो रहे दबाव और प्रताड़ना ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सामने आए वीडियो में शिक्षक ने कहा कि वह परिवार से बेहद प्यार करते हैं और उनके साथ लंबा जीवन बिताना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय दबाव, नोटिस और कथित उत्पीड़न से वह टूट चुके थे। वीडियो में उन्होंने अधिकारियों के नाम लेकर कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, वीडियो की सत्यता की जांच पुलिस कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मोहल्ले के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

यह घटना शिक्षा विभाग और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लगातार बढ़ते कार्य दबाव और मानसिक तनाव के मामलों को लेकर विशेषज्ञ पहले भी चेतावनी देते रहे हैं। जरूरत है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ जांच हो, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों।

यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत परिजनों या नजदीकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का कदम है।

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