गोवा में हॉकी प्रैक्टिस के दौरान दर्दनाक हादसा, 13 वर्षीय छात्रा की मौत

गोवा के सेंट एंथनी हाई स्कूल में हॉकी ट्रेनिंग के दौरान 13 वर्षीय छात्रा रुईशा खारसेल की मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

गोवा के सेंट एंथनी हाई स्कूल में हॉकी ट्रेनिंग के दौरान 13 वर्षीय छात्रा रुईशा खारसेल के सिर पर गेंद लगने से मौत हो गई। हादसे की पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

Goa: स्कूल हॉकी ट्रेनिंग हादसा में सेंट एंथनी हाई स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा रुईशा खारसेल की गुरुवार को मौत हो गई। छुट्टियों से ठीक पहले अभ्यास सत्र के दौरान उसके सिर पर हॉकी बॉल लगने से वह बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा

गोवा के सेंट एंथनी हाई स्कूल में गुरुवार को हॉकी ट्रेनिंग सेशन के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय छात्रा रुईशा खारसेल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अभ्यास के दौरान सिर पर हॉकी बॉल लगने से वह अचानक जमीन पर गिर पड़ी। यह घटना गर्मी की छुट्टियों से ठीक एक दिन पहले हुई, जब छात्र प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे थे।

स्कूल प्रशासन के अनुसार, यह घटना सामान्य प्रैक्टिस सेशन के दौरान हुई, जिसमें कई छात्र भाग ले रहे थे। प्रिंसिपल फादर मिलचेस्टर फर्टाडो ने बताया कि सभी गतिविधियां नियमित अभ्यास की तरह ही चल रही थीं, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे स्कूल को सदमे में डाल दिया है।

परिवार और कोचिंग से जुड़ी भावनात्मक कहानी

रुईशा ने दो साल पहले अपने बड़े भाई सूरज से प्रेरित होकर हॉकी खेलना शुरू किया था। सूरज खुद राज्य स्तर पर हॉकी खिलाड़ी हैं और हाल ही में बिहार में हुई सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोवा टीम की कप्तानी कर चुके हैं। परिवार में खेल को लेकर उत्साह था, लेकिन यह घटना अब गहरे दुख में बदल गई है।

सूरज ने बताया कि हादसे के समय वह वहीं मौजूद नहीं थे और उन्हें बाद में इस घटना की जानकारी मिली। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि एक सामान्य ट्रेनिंग सेशन इतना बड़ा हादसा बन सकता है। परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और लगातार यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर क्या हुआ।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

हादसे के बाद रुईशा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एम्बुलेंस में देरी होने के कारण उसे निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

पुलिस ने मामले में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इस घटना ने स्कूल सुरक्षा और खेल प्रशिक्षण के दौरान मेडिकल सुविधा की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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