चलते ई-रिक्शा रोकने वाले 3 ऐप्स पर सरकार का एक्शन, ऐप स्टोर्स से हटाने के दिए निर्देश

सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए। इन ऐप्स के कथित दुरुपयोग से चलते ई-रिक्शा रोकने की शिकायतें सामने आई हैं।

केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को ब्लूटूथ के जरिए कथित रूप से रिमोट से बंद करने वाले तीन मोबाइल ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। सरकार ने ऐप स्टोर्स को इन्हें हटाने और सुरक्षा जांच कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा की सुरक्षा से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाते हुए तीन मोबाइल एप्लिकेशन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इन ऐप्स के जरिए ब्लूटूथ-सक्षम बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का कथित दुरुपयोग कर ई-रिक्शा को दूर से बंद किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने इन्हें ऐप स्टोर्स से हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

तीन मोबाइल ऐप्स पर सरकार की सख्त कार्रवाई

ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने तीन मोबाइल एप्लिकेशन के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion नाम के ऐप्स को ऐप स्टोर्स से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। आरोप है कि इन ऐप्स का उपयोग ब्लूटूथ के माध्यम से कुछ ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़कर उन्हें रिमोटली बंद करने के लिए किया जा रहा था।

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भी पुष्टि की कि मामला सरकार के संज्ञान में आने के बाद संबंधित ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में ऐप स्टोर्स को भी अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐप्स की सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि कुछ लोग मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक रहे थे। इन वीडियो के सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा और इंटरनेट से जुड़े वाहन प्रबंधन सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

हालांकि, सरकार और संबंधित एजेंसियां अभी इन दावों की तकनीकी जांच कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ ऐप्स अभी भी कुछ प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रहे हैं, जबकि सरकार ने उन्हें हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अंतिम स्थिति ऐप स्टोर की कार्रवाई और जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

कैसे काम करते हैं ये ऐप्स?

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ये एप्लिकेशन ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर बैटरी की स्थिति, तापमान, वोल्टेज और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाने के लिए बनाए गए थे। सामान्य परिस्थितियों में इनका उपयोग बैटरी की निगरानी और प्रबंधन के लिए किया जाता है।

अधिकारियों का कहना है कि जिन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में पर्याप्त सुरक्षा फीचर या पासवर्ड सुरक्षा नहीं होती, वहां इन ऐप्स के कुछ फीचर्स का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया। ऐसे मामलों में बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को बंद करने पर वाहन बीच रास्ते में रुक सकता है।

जांच जारी, सुरक्षा मानकों पर रहेगा फोकस

दिल्ली सरकार ने भी परिवहन विभाग को BAT-BMS ऐप और उससे जुड़े दावों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आई शिकायतों के आधार पर अधिकारियों को मामले की जांच सौंपी गई है, हालांकि अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में मजबूत ऑथेंटिकेशन, पासवर्ड सुरक्षा और सुरक्षित ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जैसे साइबर सुरक्षा उपाय लागू करना आवश्यक होगा। सरकार ने भी संकेत दिया है कि ऐप स्टोर्स और संबंधित कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे संभावित सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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