Gujarat: लोको पायलेट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर 10 शेरों की बचाई जान, ट्रैक पर आराम कर रहे थे शेर

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Gujarat के अमरेली जिले में एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने सोमवार यानि 17 जून को पीपावाव बंदरगाह के पास ट्रैक पर आराम कर रहे 10 शेरों की इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उनकी जान बचाई।

India Railway: गुजरात के अमरेली जिले से रेलवे विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि जिले के पीपावाव बंदरगाह स्टेशन के पास पटरियों पर 17 जून, सोमवार को कुछ शेर आ गए थे। उस समय एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर दस शेरों की जान बचा ली। इस पर रेलवे अधिकारी ने पायलट की जमकर तारीफ की।

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर शेरों की बचाई जान

पश्चिमी रेलवे के भावनगर संभाग की ओर से जारी एक बयान में बताया गया, "यह घटना तब हुई, जब मुकेश कुमार मीणा नाम के लोको पायलेट पीपावाह बंदरगाह स्टेशन के ट्रैक पर मालगाड़ी का संचालन कर रहे थे। बताया कि जैसे ही मुकेश ने पटरियों पर 10 शेरों को पटरी पर आराम करते देखा तो उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोक दी।

उन्होंने मालगाड़ी को रोक कर शेरों के उठने और पटरियों से दूर जाने तक इंतजार किया। उन शेरों के वहां से जाने के  बाद उन्होंने मालगाड़ी को उसके गंतव्य तक पहुंचाया। विभाग के सभी अधिकारियों ने मीणा लोको पायलट के इस सराहनीय काम की खूब प्रशंसा की।''

अधिकारीयों ने की लोको पायलेट की प्रशंसा

मिली जानकारी के अनुसार बता दें कि रेलवे विभाग के अधिकारियों ने पायलट की प्रशंसा की है। पश्चिमी रेलवे के बयान में कहा गया है कि शेरों सहित अन्य वन्यजीवों की सेफ्टी के लिए भावनगर मंडल द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बताया गया कि विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस मार्ग पर लोको पायलट सतर्क रहते हैं और निर्धारित गति सीमा के अनुसार ट्रेनें चलाते हैं।''

हाई कोर्ट ने शेरों की मौत का लिया संज्ञान

हाल ही में Gujarat High Court ने अब तक शेरों की हुई मौत का संज्ञान लिया था। इसके साथ ही अप्राकृतिक कारणों से एशियाई शेरों की मौत पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार व रेलवे से शेरों को ट्रेनों की चपेट में आने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया था। June, 2020 की गणना के मुताबिक, गुजरात राज्य 674 एशियाई शेरों का आवास है।

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