मध्य प्रदेश के गुना में एक बीजेपी नेता पर किसान को थार से कुचलने और उसकी बेटियों के साथ अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई, जिससे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया है।
Guna News: मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बीजेपी नेता पर किसान को थार गाड़ी से कुचलने और उसकी बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से घायल किसान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खेत जाते किसान पर हमला, थार से बार-बार कुचला
मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में रविवार (26 अक्टूबर) को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेत पर जा रहे एक किसान परिवार पर दबंगों ने बेरहमी से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने किसान को पहले लाठी-डंडों से पीटा और फिर थार गाड़ी से चार से पांच बार कुचल दिया।
हमले में किसान रामस्वरूप नागर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन जब उसे बचाने पहुंचे, तो हमलावरों ने महिलाओं और बेटियों पर भी हमला कर दिया। घायल किसान को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बीजेपी नेता महेंद्र नागर पर बर्बरता का आरोप
इस घटना को लेकर बीजेपी नेता महेंद्र नागर पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिवार का दावा है कि हमला महेंद्र नागर के नेतृत्व में हुआ, जिसमें लगभग 10 से 15 लोग शामिल थे। उनके पास फरसा और गंडासी जैसे हथियार थे।
पीड़ित परिवार की बेटियों का आरोप है कि जब वे अपने पिता को बचाने गईं, तो आरोपी नेता ने उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की और कपड़े फाड़ दिए। परिवार का कहना है कि आरोपी ने किसान की छाती पर बैठकर मारपीट की, जिससे वह अधमरा हो गया।
पुलिस की कार्रवाई, चार लोग घायल
घटना की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में बढ़ा राजनीतिक तनाव
यह वारदात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में हुई है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं और कानून व्यवस्था पर निशाना साधा है।
स्थानीय प्रशासन पर यह भी आरोप है कि घटना के बाद शुरुआती घंटों में कार्रवाई में देरी हुई, जिससे लोगों में नाराजगी है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
परिजनों की न्याय की मांग
मृतक किसान के परिजनों ने कहा है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि राजनीतिक दबंगई का उदाहरण है। परिवार ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से निष्पक्ष जांच और आरोपी नेता की गिरफ्तारी की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि जब तक सभी दोषियों को सजा नहीं मिलती, वे किसान की अंतिम संस्कार प्रक्रिया नहीं करेंगे।











