गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। वृंदावन में प्रेमानंदजी महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उनके मार्ग पर शिष्यों और भक्तों ने पुष्प बिछाकर अपने गुरु के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट की। पूरे मार्ग पर भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज सुनाई दी।
Yogi Adityanath ने गोरखपुर स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने गुरु परंपरा का सम्मान करते हुए मंदिर में दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद मंदिर परिसर में गौशाला पहुंचकर गायों को गुड़ और चना भी खिलाया। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
Kashi Vishwanath Temple और गंगा घाटों पर भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर भगवान शिव के दर्शन किए और अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसी तरह Ram Ki Paidi और सरयू तट पर भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
प्रशासन ने सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दलों की टीमें भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता, हेल्प डेस्क और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
गुरु पूर्णिमा का पर्व भारतीय संस्कृति में गुरु के सम्मान, ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। देशभर के मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा, सत्संग और भंडारों का आयोजन किया जा रहा है।
फिलहाल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वृंदावन, गोरखपुर, काशी और अयोध्या सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हुई है। प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है और लोगों से शांति एवं अनुशासन बनाए रखते हुए दर्शन और स्नान करने की अपील कर रहा है