ग्वालियर के साकेत नगर में फ्लैट की कथित फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर बैंक से लोन लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच के बाद आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।
ग्वालियर: साकेत नगर में एक फ्लैट की कथित फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर उसे पंजाब एंड सिंध बैंक में गिरवी रखकर लोन लेने का मामला सामने आया है। वास्तविक मालिक पूर्णिमा गुप्ता को दूसरी रजिस्ट्री की जानकारी मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में दस्तावेज में क्षेत्रफल, सीमाओं और फोटो समेत कई अंतर सामने आए हैं। मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
असली मालिक ने 2019 में खरीदा था फ्लैट
ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित साकेत नगर के जी-1/85 प्रतिमा विला फ्लैट की वास्तविक मालिक पूर्णिमा गुप्ता हैं। उन्होंने यह फ्लैट राघवेंद्र सिंह सेंगर से 27 जून 2019 को रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदा था। खरीदारी के बाद पूर्णिमा गुप्ता अपने परिवार के साथ फ्लैट में रहने लगीं। वर्ष 2022 में उन्होंने नगर निगम में इसका नामांतरण भी करा लिया था।
कुछ समय पहले उन्हें जानकारी मिली कि उनके फ्लैट की एक दूसरी रजिस्ट्री भी मौजूद है। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई तो 19 मार्च 2019 को तैयार की गई एक अन्य रजिस्ट्री सामने आई।
दूसरी रजिस्ट्री के आधार पर लिया गया लोन
जांच में सामने आया कि 19 मार्च 2019 की कथित दूसरी रजिस्ट्री में राघवेंद्र सिंह सेंगर द्वारा संतोष राज अग्रवाल और नीलम अग्रवाल के पक्ष में फ्लैट की बिक्री दर्शाई गई थी। इसी दस्तावेज को आधार बनाकर पंजाब एंड सिंध बैंक से लोन लिया गया।
बैंक रिकॉर्ड में करीब 22.50 लाख रुपये का लोन स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई है। रजिस्ट्री में अलग-अलग बैंक खातों से रकम का भुगतान किए जाने का भी उल्लेख था। हालांकि, पुलिस की जांच में संबंधित बैंक खाते से उस भुगतान का रिकॉर्ड नहीं मिला।
मामले में कुल करीब 45.50 लाख रुपये के लोन से जुड़ी धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
रजिस्ट्री में फोटो और फ्लैट के क्षेत्रफल में अंतर
पुलिस जांच के दौरान 19 मार्च 2019 की रजिस्ट्री में कई गड़बड़ियां सामने आईं। वास्तविक रजिस्ट्री में फ्लैट का क्षेत्रफल 65.04 वर्गमीटर दर्ज है, जबकि दूसरी रजिस्ट्री में इसे 69.70 वर्गमीटर बताया गया है। दोनों दस्तावेजों में फ्लैट की चारों सीमाओं में भी अंतर पाया गया।
इसके अलावा दूसरी रजिस्ट्री में विक्रेता राघवेंद्र सिंह सेंगर की लगी फोटो वास्तविक रजिस्टर्ड दस्तावेज में मौजूद फोटो से अलग पाई गई। पुलिस ने बैंक खातों और दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की है।
आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने मामले में संतोष राज अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, राघवेंद्र सिंह सेंगर, प्रवीण अग्रवाल, गजेन्द्र सिंह राठौर, मधुराज सिंह तोमर, विमलेश चौधरी और होम आठ कुशवाह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस बैंक और पंजीयन विभाग से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में नामजद आरोपियों की तलाश जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पड़ाव थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि एक महिला की शिकायत पर फर्जी रजिस्ट्री के जरिए लोन लेने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।










