केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर हैदराबाद मेट्रो फेज-2, मुसी नदी सफाई और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर चर्चा की। केंद्र ने मेट्रो विस्तार पर सहमति जताते हुए DPR मिलने के बाद अंतिम फैसला लेने की बात कही।
हैदराबाद: भारत सरकार ने हैदराबाद के शहरी विकास, सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छता से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय मंत्री G. Kishan Reddy ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री Manohar Lal Khattar से मुलाकात कर हैदराबाद में चल रही विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में हैदराबाद मेट्रो फेज-II, मुसी नदी सफाई अभियान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), सार्वजनिक परिवहन और शहरी बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद किशन रेड्डी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार हैदराबाद के दीर्घकालिक शहरी विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है।
हैदराबाद मेट्रो फेज-II पर केंद्र का सकारात्मक रुख
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-II परियोजना रहा। किशन रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एलएंडटी (L&T) से परियोजना अपने नियंत्रण में लेने के बाद अब केंद्र सरकार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और तकनीकी दस्तावेजों की समीक्षा करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को मेट्रो विस्तार पर कोई आपत्ति नहीं है और यदि सभी तकनीकी एवं वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, तो केंद्र और राज्य सरकार परियोजना की लागत साझा करने के लिए तैयार हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हैदराबाद मेट्रो फेज-II शहर के तेजी से बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे आईटी कॉरिडोर, रिहायशी क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होने की उम्मीद है।
तेजी से बढ़ते शहर के लिए जरूरी है मेट्रो विस्तार
हैदराबाद भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे महानगरों में शामिल है। आईटी उद्योग, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेश के कारण शहर की आबादी और यातायात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है।
ऐसे में शहरी परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है। इससे ट्रैफिक जाम कम होंगे, प्रदूषण घटेगा और लोगों को अधिक सुरक्षित एवं तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार स्मार्ट और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुसी नदी सफाई अभियान पर विशेष जोर
बैठक में हैदराबाद की ऐतिहासिक मुसी नदी की सफाई और पुनर्जीवन परियोजना पर भी चर्चा हुई।
किशन रेड्डी ने बताया कि AMRUT 2.0 योजना के तहत मुसी नदी में गिरने वाले सीवेज के उपचार के लिए बड़े स्तर पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर लगभग ₹3,975 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बिना उपचार वाले गंदे पानी को नदी में जाने से रोकना और शहर की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना है।
AMRUT 2.0 योजना से मिलेगा बड़ा लाभ
AMRUT 2.0 यानी “अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन” भारत सरकार की प्रमुख शहरी विकास योजनाओं में से एक है।
इस योजना का उद्देश्य शहरों में जल आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास और स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करना है।
हैदराबाद में प्रस्तावित STP परियोजनाएं न केवल मुसी नदी की सफाई में मदद करेंगी, बल्कि शहर के पर्यावरण संतुलन और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई वर्षों से मुसी नदी में untreated sewage और औद्योगिक कचरा गिरने के कारण नदी गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ेगा सकारात्मक असर
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होने से नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य जोखिम कम होंगे।
इसके अलावा भूजल संरक्षण, हरित क्षेत्र विकास और शहरी जैव विविधता को भी फायदा मिल सकता है।
मुसी नदी कभी हैदराबाद की पहचान मानी जाती थी, लेकिन बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। अब सरकार इसे पुनर्जीवित करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बना रही है।
सार्वजनिक परिवहन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा
बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने, सड़क नेटवर्क सुधारने और शहरी सुविधाओं को उन्नत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
हैदराबाद में लगातार बढ़ते वाहनों और शहरी विस्तार के कारण ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और बेहतर सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मेट्रो विस्तार, सड़क विकास और सार्वजनिक परिवहन सुधार योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो हैदराबाद भारत के सबसे आधुनिक शहरी परिवहन नेटवर्क वाले शहरों में शामिल हो सकता है।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग अहम
किशन रेड्डी ने कहा कि बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तकनीकी, वित्तीय और नीतिगत सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन परियोजनाओं को समय पर लागू करने के लिए राज्य स्तर पर भी प्रभावी योजना और पारदर्शिता जरूरी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यदि दोनों सरकारें मिलकर काम करें, तो हैदराबाद को विश्वस्तरीय शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर वाला शहर बनाया जा सकता है।
वैश्विक निवेश और स्मार्ट सिटी विजन को मिलेगा बढ़ावा
हैदराबाद पहले से ही भारत का प्रमुख आईटी और निवेश केंद्र बन चुका है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन और कई वैश्विक कंपनियों के बड़े कैंपस यहां मौजूद हैं।
बेहतर शहरी सुविधाएं, आधुनिक परिवहन और स्वच्छ पर्यावरण शहर को और अधिक वैश्विक निवेश आकर्षित करने में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में हैदराबाद को भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्मार्ट शहरों में विकसित करने की दिशा में यह बैठक अहम साबित हो सकती है।
शहरी विकास के नए मॉडल की ओर बढ़ता हैदराबाद
केंद्र और राज्य सरकार की साझा योजनाएं यह संकेत देती हैं कि हैदराबाद को केवल आईटी हब ही नहीं, बल्कि टिकाऊ और आधुनिक शहरी विकास के मॉडल के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
मेट्रो विस्तार, नदी पुनर्जीवन, स्वच्छता सुधार और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन जैसे कदम आने वाले समय में शहर की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी होती हैं, तो हैदराबाद दक्षिण एशिया के प्रमुख शहरी विकास मॉडलों में शामिल हो सकता है।










